शहर में सही तरीके से नहीं किया जा रहा बायो मेडिकल वेस्ट का निष्पादन

Updated at : 12 Jan 2020 2:11 AM (IST)
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शहर में सही तरीके से नहीं किया जा रहा बायो मेडिकल वेस्ट का निष्पादन

बोकारो : सेक्टर में फैले कचरा के बीच बायो मेडिकल वेस्ट भी शहर के लिए परेशानी का कारण बन रहा है. शहर में जहां-तहां बायो मेडिकल वेस्ट आसानी से देखा जा सकता है. शनिवार को झारखंड प्रदेश प्रदूषण बोर्ड की टीम ने बोकारो के विभिन्न कचरा डंपिंग प्वाइंट का निरीक्षण किया. साथ ही विभिन्न कबाड़ी […]

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बोकारो : सेक्टर में फैले कचरा के बीच बायो मेडिकल वेस्ट भी शहर के लिए परेशानी का कारण बन रहा है. शहर में जहां-तहां बायो मेडिकल वेस्ट आसानी से देखा जा सकता है.

शनिवार को झारखंड प्रदेश प्रदूषण बोर्ड की टीम ने बोकारो के विभिन्न कचरा डंपिंग प्वाइंट का निरीक्षण किया. साथ ही विभिन्न कबाड़ी पट्टी का भी दौरा किया. प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय पदाधिकारी (रांची) डीपी सिंह की माने तो नया मोड़ स्थित कचरा डंपिंग प्वाइंट में बायाे मेडिकल वेस्ट पाया गया है.
इससे इन्कार नहीं किया जा सकता है कि शहर में बायो वेस्ट का निष्पादन सही तरीका से नहीं किया जा रहा है. इसके लिए जिम्मेदार क्लिनिक की जांच की जायेगी. वहीं एक अन्य पदाधिकारी ने बताया : बीजीएच गोल चक्कर के पास कुछ कबाड़ का भी निरीक्षण किया गया. कबाड़ में इस्तेमाल की गयी सिरिंज, स्लाइन की बोतल, इजेंक्शन की छोटी बोतल व अन्य कई प्रकार के बायो मेडिकल वेस्ट देखा गया.
पदाधिकारी आरएन चौधरी ने बताया : कबाड़ वाले से बातचीत में पता चला कि मेडिकल बायो कचरा विभिन्न सेक्टर में चल रही क्लिनिक की दाई व अन्य कचरा उठाने वाले लोगों से प्राप्त होता है. साथ ही बोकारो जेनरल अस्पताल से भी मिलता है. कचरा वाले से बात करने के बाद पदाधिकारियों ने बीजीएच प्रबंधन से भी बात की. साथ ही इस संबंध में बीजीएच पर लिखित कार्रवाई की बात कही. इसके अलावा विभिन्न निजी अस्पताल के निरीक्षण की बात कही.
खबर पाकर जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी कचरा पट्टी व कबाड़ का दौरा किया. टीम ने बताया : कबाड़ में बायो मेडिकल वेस्ट का पाया जाना कई सवाल खड़ा करता है. टीम की माने तो यदि यह कचरा अस्पताल में पाया जाता तो सीधे स्वास्थ्य विभाग हस्तक्षेप करता, लेकिन अस्पताल या क्लिनिक के बाहर कचरा पाये जाने के कारण मामला जिला प्रशासन का बनता है.
बोकारो डीसी के अगले निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जायेगी. इधर बीजीएच गोलचक्कर के पास स्थित कबाड़ी दुकानदार अशोक ने बताया कि वह कचरा चुनने वालों से 15 रुपये प्रतिकिलो सिरिंज की खरीददारी करता है और चास धनबाद के कबाड़ी में 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेच देता है. उसने बताया कि उसे मेडिकल वेस्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
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