छिनतई मामले में केस दर्ज करना नहीं जानते थानेदार
Updated at : 02 Jun 2019 12:44 AM (IST)
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जांच-पड़ताल l जोनल आइजी द्वारा घटनाओं की समीक्षा के बाद तैयार रिपोर्ट से हुआ खुलासा रांची : राजधानी में छिनतई की घटनाओं में आइपीसी की किन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज होगी, इसके बारे में थानेदार नहीं जानते हैं. वहीं केस दर्ज होने से पहले या बाद में डीएसपी भी इस पर ध्यान नहीं देते हैं. […]
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जांच-पड़ताल l जोनल आइजी द्वारा घटनाओं की समीक्षा के बाद तैयार रिपोर्ट से हुआ खुलासा
रांची : राजधानी में छिनतई की घटनाओं में आइपीसी की किन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज होगी, इसके बारे में थानेदार नहीं जानते हैं. वहीं केस दर्ज होने से पहले या बाद में डीएसपी भी इस पर ध्यान नहीं देते हैं. राजधानी में छिनतई की घटनाओं की समीक्षा के बाद जोनल आइजी सह आइजी एचआर नवीन कुमार द्वारा तैयार रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि होती है.
आइजी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि उनके और रांची रेंज के डीआइजी एवी होमकर द्वारा छिनतई से संबंधित कई केस की प्राथमिकी मंगा कर अध्ययन किया गया. सभी प्राथमिकी को देखने से स्पष्ट है कि प्राथमिकी जिन धाराओं में दर्ज की जा रही है, उसके अनुसार प्राथमिकी में आरोप नहीं है.
ज्यादातर छिनतई के केस धारा 356 और 382 के तहत दर्ज किये गये हैं. जबकि 10 से ज्यादा प्राथमिकी के अवलोकन से स्पष्ट है कि उन प्राथमिकी में कहीं भी अभियुक्त द्वारा किसी को चोट पहुंचाने हेतु की गयी तैयारी, जैसे उनका किसी अस्त्र-शस्त्र से लैस होना या लाठी या चाकू से लैस होने का उल्लेख नहीं किया गया है.
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