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आज से तीन दिवसीय के दौरे पर गुजरात आएंगे WHO महासचिव, पीएम मोदी के साथ कार्यक्रमों में लेंगे हिस्सा

राजकोट के जिलाधिकारी अरुण महेश बाबू ने बताया कि घेब्रेयसस बुधवार को गांधीनगर में रहेंगे, जहां प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक आयुष निवेश एवं नवाचार शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे.

By Prabhat khabar Digital
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विश्व स्वास्थ्य संगठन के महासचिव डॉ टेड्रोस अदानोम घेब्रेयसस
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महासचिव डॉ टेड्रोस अदानोम घेब्रेयसस
फोटो : ट्विटर

अहमदाबाद : विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉ टेड्रोस अदानोम घेब्रेयसस की तीन दिवसीय यात्रा पर आज गुजरात पहुंचेंगे. इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कुछ कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. राजकोट के जिलाधिकारी अरुण महेश बाबू ने मीडिया को बताया कि घेब्रेयसस 18 अप्रैल को राजकोट पहुंचेंगे, जहां वह रात्रि विश्राम करेंगे. इसके बाद मंगलवार को डब्ल्यूएचओ महासचिव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जामनगर में डब्ल्यूएचओ-वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र (जीसीटीएम) के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे.

राजकोट के जिलाधिकारी अरुण महेश बाबू ने बताया कि घेब्रेयसस बुधवार को गांधीनगर में रहेंगे, जहां प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक आयुष निवेश एवं नवाचार शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे. वहीं, राजकोट के महापौर प्रदीप देव ने कहा कि मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ भी सोमवार को राजकोट पहुंचेंगे. उन्होंने कहा कि जगन्नाथ के सम्मान में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

राजकोट के महापौर प्रदीव दाव ने बताया कि मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ भी सोमवार को राजकोट पहुंचेंगे. यहां उनका स्वागत एयरपोर्ट पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ किया जाएगा. दाव ने कहा कि उनके सम्मान में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी की गई है. जगह-जगह पर खास होर्डिंग भी लगाए गए हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की स्थानीय निदेशक डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा है कि गुजरात में स्थापित होने वाले डब्ल्यूएचओ वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र का उद्देश्य स्वास्थ्य देखभाल के लिए एक समेकित दृष्टिकोण विकसित करके पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की गुणवत्ता में सुधार करना है. उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य एक ऐसा तंत्र विकसित करना भी है, जो इस तरह की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति तक पहुंच की अनुमति देता हो और इस तरह के ज्ञान की रक्षा करता हो.

डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि डब्ल्यूएचओ के 194 सदस्य देशों में से 170 देशों में लगभग 80 प्रतिशत लोग पारंपरिक दवाओं और स्वदेशी उपचारों का उपयोग करते हैं. डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि कई लोग सबसे पहले पारंपरिक चिकित्सा पद्धति से इलाज कराते हैं. इन देशों की सरकारों ने पारंपरिक चिकित्सा के तरीकों और उत्पादों पर विश्वसनीय साक्ष्य व डेटा का एक निकाय बनाने के लिए डब्ल्यूएचओ के समर्थन का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि इस केंद्र का लक्ष्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धति की गुणवत्ता में सुधार लाना है.

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