बीएसएफ से भी भगोड़ा है अमित हेडक्वार्टर से भेजा गया था पत्र
Updated at : 17 Apr 2019 6:12 AM (IST)
विज्ञापन

हथुआ : यूपी के कुशीनगर में पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्त में आये अमित राय उर्फ फौजी बीएसएफ से भी भगोड़ा है. फौज में तैनात होने के बाद जब वह छुट्टी में घर आता था, तो लूटकांड की घटनाओं को अंजाम देता था. उसने वर्ष 2009 से लेकर 2017 तक लगभग 12 लूट एवं हत्या […]
विज्ञापन
हथुआ : यूपी के कुशीनगर में पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्त में आये अमित राय उर्फ फौजी बीएसएफ से भी भगोड़ा है. फौज में तैनात होने के बाद जब वह छुट्टी में घर आता था, तो लूटकांड की घटनाओं को अंजाम देता था. उसने वर्ष 2009 से लेकर 2017 तक लगभग 12 लूट एवं हत्या की घटना को अंजाम दिया था.
नयागांव निवासी बंका राय का पुत्र अमित राय की गिरफ्तारी गोपालगंज व सीवान पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई थी. पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए कई बार छापेमारी की. लेकिन पुलिस को चकमा देकर फरार होने में वह हमेशा कामयाब रहता था.
बिहार के नवादा से हुई थी गिरफ्तारी : विधानसभा चुनाव के दौरान जब अमित की ड्यूटी नवादा में थी, तो उसे नवादा से पुलिस ने गिरफ्तार किया था. लेकिन कुछ ही माह बाद वह जेल छूट कर आया और फिर अपराध जगत में अपना पैर जमा लिया.
2016 में लगातार सात आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के बाद 2017 में बीएसएफ के कैंप से उसकी गिरफ्तारी की गयी. इसके बाद वह अक्तूबर 2018 तक जेल में रहा. जेल से छूटने के बाद वह वापस नौकरी पर नहीं गया.
इसको लेकर बीएसएफ हेडक्वार्टर जयपुर से लगातार उसकी जानकारी के लिए पत्रचार किया गया. यहां तक 15 दिन पूर्व हेडक्वार्टर से कमांडेंट सरोज कुमार उपाध्याय ने स्थानीय थाना के सहयोग से उसके घर जाकर उसकी जानकारी ली थी, लेकिन वह घर में नहीं था. पिता के द्वारा अमित की बहन की मई में शादी होने के बाद वापस फौज में जाने की बात कही थी.
1.60 करोड़ लूट की घटना के बाद यूपी पुलिस के रडार पर था अमित : जेल से बाहर आने के बाद वह फिर दुबारा लूट की घटनाओं को अंजाम देने लगा. उसने 1.60 करोड़ की लूट यूपी के कुशीनगर में की.
यूपी के कुशीनगर में लूट यह सबसे बड़ी वारदात थी. इस कांड में शामिल पांच अभियुक्तों को पुलिस ने दिसंबर में ही गिरफ्तार किया था. इसके सत्येंद्र यादव की गिरफ्तारी हुई. अमित राय को सोमवार को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया.
बीएसएफ में भी अमित पर हो सकती है कार्रवाई
एक दर्जन से ज्यादा लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले फौजी अमित पर बीएसएफ में भी कार्रवाई हो सकती है. बीएसएफ द्वारा उसे वापस नौकरी में लौटने के बाद ही कार्रवाई होने की संभावना है.
राजस्थान के जयपुर में स्थित बीएसएफ के हेडक्वार्टर में तैनात कमांडेंट ने बताया कि अक्तूबर 2018 में जेल से छूटने के छह माह के बाद भी उसने नौकरी ज्वाइन नहीं की. उसके घर एक दर्जन से अधिक बार पत्राचार किया गया कि वह आकर फौज की नौकरी ज्वाइन कर ले.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




