बिहार के इस जिले में जमीन की सरकारी न्यूनतम कीमत बढ़ी, शहर में दोगुनी और गांव में 1.6 गुना हुई एमवीआर दर
जमीन की सरकारी न्यूनतम कीमत बढ़ी (सांकेतिक तस्वीर)
Bihar Land MVR Rates: बिहार के वैशाली जिले में जमीन खरीदना अब और महंगा हो गया है. जिला मूल्यांकन समिति ने जमीन की सरकारी न्यूनतम कीमत (MVR) में भारी बढ़ोतरी कर दी है. नए नियमों के तहत शहरी और पेरिफेरल क्षेत्रों में दरें दोगुनी, जबकि ग्रामीण इलाकों में 1.6 गुना बढ़ा दी गई हैं.
Bihar Land MVR Rates: बिहार के वैशाली जिले में जमीन की सरकारी न्यूनतम कीमत (एमवीआर) बढ़ा दी गई है. शुक्रवार को जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया. नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू होंगी. नए निर्णय के अनुसार शहरी और शहर से सटे क्षेत्रों में एमवीआर की दरें दोगुनी कर दी गई हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 1.6 गुना बढ़ोतरी की गई है.
आपके शहर में
एमवीआर दर के बारे में जानिए
एमवीआर वह सरकारी दर होती है, जिसके आधार पर जमीन की रजिस्ट्री के समय स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क तय किया जाता है. बैठक में जिले में कई जगहों का भूमि और सड़क वर्गीकरण पुराने नियमों के अनुसार दर्ज है, जबकि सरकार ने नए नियम लागू कर दिए हैं. ऐसे में नई श्रेणियां बनाने, पुरानी श्रेणियों में बदलाव करने और नई दरें तय करने की जरूरत है. जिला अवर निबंधक को इसका प्रस्ताव तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया.
इसके अलावा नए बने नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों के आसपास आने वाले पेरिफेरल क्षेत्रों की पहचान के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया. समिति संबंधित मौजों की सूची तैयार करेगी, क्योंकि इन क्षेत्रों में भी एमवीआर की दरें दोगुनी लागू होंगी.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
त्रिसदस्यीय समिति के गठन का लिया गया निर्णय
बैठक में जिला मूल्यांकन समिति के समाहर्त्ता-सह-अध्यक्ष ने एक त्रिसदस्यीय समिति के गठन का भी निर्णय लिया गया. बिहार स्टाम्प नियमावली के प्रावधानों के अनुसार नगर निगम सीमा से 8 किलोमीटर, नगर परिषद सीमा से 4 किलोमीटर तथा नगर पंचायत सीमा से 2 किलोमीटर की परिधि में आंशिक अथवा पूर्ण रूप से आने वाले मौजे पेरिफेरल क्षेत्र की श्रेणी में आते हैं.
चूंकि पेरिफेरल क्षेत्रों की भूमि के एमवीआर में 2.0 गुणा वृद्धि लागू की जानी है और नये नगर पंचायतों के गठन एवं नगर परिषद क्षेत्रों के विस्तार के बाद पेरिफेरल क्षेत्रों का दोबारा पहचानना आवश्यक हो गया है.
इसलिए संबंधित क्षेत्रों के अवर निबंधक, कार्यपालक पदाधिकारी और अंचलाधिकारी को ऐसे मौजों की पहचान करने और लिस्ट बनाने का निर्देश दिया गया. डीएम ने सभी अधिकारियों को भूमि वर्गीकरण, सड़क वर्गीकरण और पेरिफेरल क्षेत्रों के चिन्हिकरण का काम प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने का निर्देश दिया.
इसे भी पढ़ें: बिहार बुलेट ट्रेन पर बड़ा अपडेट, पटना से दिल्ली सिर्फ 4 घंटे 41 मिनट में, सिलीगुड़ी तक विस्तार की तैयारी
वाल्मीकिनगर में शुरू होगा हेली टूरिज्म, हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे पर्यटक, राजगीर-कैमूर से भी जुड़ेगा
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए