जिले के जर्जर स्वास्थ्य केंद्रों को लेकर विरोध शुरू, जर्जर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण की कर रहे मांग
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :01 Mar 2019 6:24 AM (IST)
विज्ञापन

हाजीपुर/देसरी : जिले के जर्जर व भवनहीन स्वास्थ्य केंद्रों सहित मोहिउद्दीनपुर गराही पंचायत के मेथुरापुर में स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गराही के भवन निर्माण की मांग को लेकर एआईएसएफ के कार्यकर्ता व ग्रामीणों ने गुरुवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी. अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गराही परिसर में भूख हड़ताल पर बैठे लोग […]
विज्ञापन
हाजीपुर/देसरी : जिले के जर्जर व भवनहीन स्वास्थ्य केंद्रों सहित मोहिउद्दीनपुर गराही पंचायत के मेथुरापुर में स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गराही के भवन निर्माण की मांग को लेकर एआईएसएफ के कार्यकर्ता व ग्रामीणों ने गुरुवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी.
अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गराही परिसर में भूख हड़ताल पर बैठे लोग महुआ में मेडिकल कॉलेज का शीघ्र निर्माण, सभी के लिए निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण एक समान स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने आदि की मांग कर रहे हैं. भूख हड़ताल में एआईएसएफ के राज्य अध्यक्ष रंजीत पंडित, जंदाहा अंचल सचिव उत्तम कुमार ठाकुर, जंदाहा अंचल के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद पासवान, वार्ड सदस्य उमेश सिंह, राजेश कुमार, अमर कुमार, विश्वनाथ पासवान समेत अन्य शामिल है.
भूख हड़ताल पर बैठे एआईएसएफ के राज्य अध्यक्ष ने बताया कि सिविल सर्जन सह सदस्य सचिव जिला स्वास्थ्य समिति वैशाली के द्वारा वर्ष 2012 एवं 13 में 18 भवन विहीन एवं जर्जर स्वास्थ्य केंद्र भवन के निर्माण के लिए प्रस्ताव प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग को भेजा था.
राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा मात्र दो अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का कार्य पूर्ण होना बताया गया. जबकि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गराही समेत अन्य 15 केंद्रों के पास जमीन उपलब्ध होने के बावजूद छोड़ दिया गया. साथ ही कहा कि अस्पताल में चिकित्सक के नहीं रहने के कारण प्रतिदिन सैकड़ों मरीज बिना इलाज कराये लौट जाते है. यह सात बेड के अस्पताल का निर्माण लगभग वर्ष 1990 में हुआ था.
यहां पहले कई चिकित्सकों एवं दर्जनों स्वास्थ्यकर्मी की तैनाती की गई थी. कुछ वर्षों तक अस्पताल की स्थित ठीक थी. आसपास के दस गांव के लोगों को इस अस्पताल से स्वास्थ्य सुविधा मिल रही थी लेकिन विभागीय उदासीनता की वजह से यह अस्पताल खंडहर में तब्दील हो चुका है. अस्पताल भवन में बकरी, गाय बांधी जा रही है.
शेरपुर, मेथुरापुर, गराही, धंधुआ, वसंतपुर, पानापुर, बटेश्वर नाथ, बहसी, सैदपुर, मुकुंदपुर गराही, मोहिउद्दीनपुर गराही, चकवाजो मलाही समेत कई अन्य गांव के लोगों को इलाज के लिए तेरह किलोमीटर दूर जंदाहा या बारह किलोमीटर दूर महुआ या पांच किलोमीटर दूर देसरी पीएचसी जाना पड़ता है. खास कर प्रसव पीड़ित महिलाओं को रात्रि में अस्पताल दूर होने के कारण परेशानी होती है. भूख हड़ताल पर बैठे लोगों ने राज्य सरकार से स्वास्थ्य केंद्रों को निर्माण करवाने की मांग की है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




