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कोशी पब्लिक स्कूल में विज्ञान, कला व संस्कृति का भव्य संगम: नवाचार और प्रतिभा का प्रेरक उत्सव

Updated at : 02 Mar 2026 6:09 PM (IST)
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कोशी पब्लिक स्कूल में विज्ञान, कला व संस्कृति का भव्य संगम: नवाचार और प्रतिभा का प्रेरक उत्सव

प्रदर्शनी में विज्ञान के विविध कार्यशील मॉडल, नवाचार आधारित परियोजनाएं,

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सुपौल कोशी पब्लिक स्कूल किशनपुर में रचनात्मकता, नवाचार और विद्यार्थियों की प्रतिभा को समर्पित विज्ञान, कला एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया. यह आयोजन विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा आमंत्रित गणमान्य अतिथियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक और उत्साह से भरपूर रहा. प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन विशिष्ट अतिथियों द्वारा किया गया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ राशद टीएस, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं निदेशक, आरसीआई, डीआरडीओ, हैदराबाद उपस्थित रहे. उनके साथ पापू चकमा, उप कमांडेंट, एसएसबी ट्रेनिंग सेंटर; संजय कुमार यादव, सर्किल इंस्पेक्टर; ज्योति, सब-इंस्पेक्टर, विद्यालय के चेयरमैन सह डायरेक्टर रामलखन साह तथा प्रधानाचार्य अद्माप्रथाप एएस भी मंचासीन थे. मुख्य अतिथि डॉ राशद टीएस ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से आत्मीय संवाद करते हुए छात्रों द्वारा प्रस्तुत नवोन्मेषी मॉडलों और वैज्ञानिक सोच की भूरी-भूरी प्रशंसा की. उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासा, रचनात्मकता और समालोचनात्मक चिंतन विकसित करने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और समर्पण के माध्यम से ही राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान दिया जा सकता है. प्रदर्शनी में विज्ञान के विविध कार्यशील मॉडल, नवाचार आधारित परियोजनाएं, कलात्मक रचनाएं और मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रदर्शित की गईं. विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, रोबोटिक्स, सतत विकास और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे समसामयिक विषयों पर आकर्षक और उपयोगी मॉडल प्रस्तुत किए. कला अनुभाग में सुंदर चित्रकला, हस्तशिल्प और सामाजिक जागरूकता व सांस्कृतिक मूल्यों को दर्शाती रचनाएं दर्शकों का ध्यान खींचती रहीं. वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम में नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्साह और रंगों से सराबोर कर दिया. यह आयोजन नई शिक्षा नीति 2020 (एनईपी 2020) की भावना को साकार करता नजर आया, जो अनुभवात्मक अधिगम, कौशल विकास और समग्र शिक्षा पर बल देती है. चेयरमैन रामलखन साह ने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की, जबकि प्रधानाचार्य अद्माप्रथाप एएस ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान के साथ भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करती हैं. तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह के साथ संपन्न हुई यह प्रदर्शनी यह संदेश दे गई कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पुस्तकों से आगे बढ़कर नवाचार, रचनात्मकता और कौशल-आधारित सीख को प्रोत्साहित करना है.

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RAJEEV KUMAR JHA

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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