किसानों की बढ़ी परेशानी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :21 Mar 2017 12:43 AM (IST)
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चिंता. बारिश ने गिराया पारा, ठंडा का हुआ एहसास जिले के विभिन्न हिस्सों में ओलावृष्टि व बारिश की वजह से लोगों को ठंडक का एहसास हुआ. वहीं किसानों के फसल को क्षति पहुंचने की संभावना जतायी जा रही है. सुपौल : सोमवार की शाम मुख्यालय सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में हुई बारिश से तापमान […]
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चिंता. बारिश ने गिराया पारा, ठंडा का हुआ एहसास
जिले के विभिन्न हिस्सों में ओलावृष्टि व बारिश की वजह से लोगों को ठंडक का एहसास हुआ. वहीं किसानों के फसल को क्षति पहुंचने की संभावना जतायी जा रही है.
सुपौल : सोमवार की शाम मुख्यालय सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गयी. वही तेज हवाओं के कारण लोगों को ठंडक का एहसास हुआ. करीब आधे घंटे तक हुई बारिश के दौरान शहर में जन-जीवन प्रभावित रहा. कई जगहों पर जल जमाव की समस्या भी उत्पन्न हो गयी. जिससे नगर परिषद के दावों की पोल खुलती नजर आयी. वही जिले के विभिन्न हिस्सों में ओलावृष्टि भी हुई. जिससे किसानों के फसल को क्षति पहुंचने की संभावना जतायी जा रही है.
ज्ञात हो कि गेहूं की फसल अब तैयार होने पर है. ऐसे में आंधी व बारिश की वजह से फसल को क्षति पहुंची है. हालांकि जिन इलाकों में केवल बारिश हुई है, आम सहित कुछ अन्य फसलों के लिए इसे लाभकारी बताया जा रहा है. सोमवार को शहरी इलाके में हुई बारिश के दौरान कई लोग छत के नीचे दुबके नजर आये. वही बेमौसम हुई बारिश के बीच लोग छाता लिये भी सड़क पर दिखे. इस बीच कुछ लोग जुगाड़ तकनीक के सहारे भी खुद को बारिश में भींगने से बचाते नजर आये.
वीरपुर प्रतिनिधि के अनुसार सोमवार को अचानक मौसम के बदले मिजाज ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी. दोपहर में मौसम ने करवट बदली और 60 से 100 किलोमीटर की रफ्तार की धूलभरी आंधी ने पहले तो कई पेड़ों की टहनियों को तोड़ डाला. फिर ओलावृष्टि और गरज के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गयी. बारिश लगभग 45 मिनट तक रही होगी लेकिन इसी बारिश ने पूरे जन-जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया. वीरपुर अनुमंडल क्षेत्र के भीमनगर, वीरपुर, बसंतपुर, राघोपुर, सिमराही, करजाइन बाजार, रतनपुर में लगातार हो रही बारिश से जहां एक और किसानों को खुशी मिली है.
वही जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई वहां के किसानों का बुरा हाल हो गया है. कई एकड़ में लगे गेहूं और मक्के की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है. समाचार प्रेषण तक फसलों और किसानों की क्षति का अंदाजा नहीं मिल पाया है बावजूद जमीन पर घास की जगह बर्फ की चादर का बिछ जाना क्षेत्र में किसानों की क्षति का सबसे बड़ा उदाहरण है.
सोमवार के दोपहर हुई भारी ओलावृष्टि से क्षेत्र में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है. आसमान में मंडराते बादलों की वजह से दिन का नजारा रात के सामान दिख रहा था. मौसम के मिजाज बदलने की वजह से कुछ दिनों से लोगों को गरमी का एहसास भले ही हो रहा था. लेकिन अचानक हुई ओलावृष्टि से आमजीवन अस्त-व्यस्त हो गया.
एक तरफ जहां तापमान में आयी गिरावट की वजह से लोगों को फिर से गर्म कपड़े निकालने पड़े. वहीं सैकड़ों एकड़ में लगे मौसमी फसल को भी काफी नुकसान हुआ है. जिसके कारण किसान सदमे में है. ओलावृष्टि व बेमौसम बरसात के कारण शहर के सड़कों पर जल-जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. जिसके कारण आमलोगों का सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है. आमलोगों ने इस समस्या से निजात के लिए प्रशासन से अपील की है.
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