बारिश व हवा के झोंके से गेंहू के फसल बरबाद

Published at :12 Mar 2017 5:51 AM (IST)
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बारिश व हवा के झोंके से गेंहू के फसल बरबाद

सुपौल : दिनभर के बादलों की लुकाछिपी के बीच देर शाम हुई बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया. इस बारिश व तेज हवाओं ने जिले वासियों को ठंड का एहसास एक बार फिर करा दिया. बारिश के चलते जगह-जगह हुए जलजमाव के कारण भी लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा. वहीं […]

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सुपौल : दिनभर के बादलों की लुकाछिपी के बीच देर शाम हुई बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया. इस बारिश व तेज हवाओं ने जिले वासियों को ठंड का एहसास एक बार फिर करा दिया.

बारिश के चलते जगह-जगह हुए जलजमाव के कारण भी लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा. वहीं बारिश रुकने बाद चाट-पकौड़ी की ठेलियों पर लोगों ने गरमा-गर्म पकौड़े का जमकर लुत्फ उठाया. इसी बीच शुक्रवार की सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला-बदला नजर आया. सुबह आसमान में बादल छाने के साथ ही सर्द हवा का अहसास लोगों को हुआ. इसी बीच देर शाम आसमान में बिजली की गड़गड़ाहट के साथ ही शुरू हुई बारिश से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. कार्यालयों से काम खत्म कर वापस लौट रहे कुछ लोगों को खासी दिक्कतें हुई. क्योंकि वह बारिश से बचने के लिए ना तो रेनकोट साथ लाए थे

और ना ही छतरी. बारिश होने के दौरान लोगों को जहां जगह मिली वह वहीं सिर छिपाकर बारिश रुकने का इंतजार करते नजर आए. बारिश होने के कुछ देर बाद ही हवा का झोंका प्रारंभ हुआ. जहां किसानों के लहलाते रबी फसल को तितर बितर कर दिया. हालांकि जिले के कुछ हिस्से में ही हवा के झोंकाें ने गेंहू की फसल को अपने आगोश में लिया है. वहीं किसानों द्वारा आम, लीची सहित अन्य फलों को बेहतर पैदावार होने का कयास लगाया जा रहा है. अस्त व्यस्त दिखा जनजीवन : देर संध्या प्रारंभ हुई बारिश से जहां कई स्थानों पर पानी का जमाव हो गया. वहीं पूर्वाह्न दस बजे तक बारिश की बूंदाबांदी के कारण लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त बना रहा. बारिश के कारण कर्मियों को दफ्तर जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

किसानों में मायूसी
बारिश व हवाओं के बाबत किसान विरेंद्र यादव, नीरज यादव, रामावतार यादव, सुभाष यादव, प्रभाष प्रभाकर, सतनाम यादव, विजय मेहता कार्तिक मेहता, भूषण भगत, डोमी कामत सहित अन्य ने अपने- अपने फसलों को निहारते हुए कहा कि उन लोगों ने इस बार कई एकड़ भूमि में गेंहू का फसल लगाया था. साथ ही ससमय फसलों की सिंचाई व समुचित तरीके से खाद का उपयोग कर फसल को सुरक्षित रखा था. ताकि उन लोगों को उन्नत पैदावार मिल सके. बताया कि सिर्फ बारिश हुआ होता तो उनका फसल काफी बेहतर हो जाता. बताया कि हवा के झोंके में उन सभी के कई एकड़ गेहूं की फसल तितर बितर हो चुका है. कहा कि अब उन किसानों को एक ही भय सता रहा है कि फसल तैयार होने पूर्व ही चूहा फसल को बरबाद ना कर दे.
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