74 जगहों पर लगेंगे विशेष शिविर, HIV और हेपेटाइटिस समेत सभी जांचें होंगी बिल्कुल मुफ्त

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74 जगहों पर लगेंगे विशेष शिविर, HIV और हेपेटाइटिस समेत सभी जांचें होंगी बिल्कुल मुफ्त

सिविल सर्जन डॉ बाबू साहेब झा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित

सुपौल जिले के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है. सिविल सर्जन की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिले के 74 चिन्हित स्थानों पर विशेष स्वास्थ्य शिविर (हेल्थ कैंप) लगाने के लिए एक ठोस माइक्रो प्लान तैयार किया गया है.

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सुपौल से राजीव झा की रिपोर्ट:

सिविल सर्जन की बैठक में बना माइक्रो प्लान, डीएम करेंगे हाई-लेवल मीटिंग

जिले के आम नागरिकों को उनके घर के पास ही विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा मुहैया कराने के उद्देश्य से सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहेब झा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में जिले के सभी प्रखंडों के 74 स्थानों पर विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई. इस महा-अभियान को पूरी तरह सफल और प्रभावी बनाने के लिए जल्द ही जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक बुलाई जाएगी. इस आगामी बैठक में जिला पंचायती राज पदाधिकारी, आईसीडीएस, जीविका, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और चिकित्सा पदाधिकारियों को शामिल कर जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी.

गंभीर बीमारियों की मुफ्त जांच के साथ मिलेंगी निःशुल्क दवाएं

इन एकीकृत स्वास्थ्य शिविरों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहाँ आने वाले ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के मरीजों को कई महंगी और जटिल जांचों के लिए एक भी रुपया नहीं देना होगा. शिविरों में मुख्य रूप से निम्नलिखित सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क (फ्री) मिलेंगी:

  • एचआईवी (HIV) और सिफलिस की मुफ्त जांच.
  • हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B) एवं हेपेटाइटिस सी (Hepatitis C) की स्क्रीनिंग.
  • रूटीन ब्लड टेस्ट (नियमित रक्त जांच) और ब्लड शुगर की तत्काल जांच.
  • विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मुफ्त चिकित्सीय परामर्श और आवश्यकतानुसार जरूरी दवाओं का ऑन-स्पॉट वितरण.

जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता फैलाना मुख्य उद्देश्य

स्वास्थ्य विभाग का मुख्य लक्ष्य इन शिविरों के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है. समय पर बीमारियों की पहचान (अर्ली डिटेक्शन) होने से मरीजों का इलाज आसान हो जाता है. चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक, जांच के साथ-साथ लोगों को गंभीर और संक्रामक बीमारियों के प्रति जागरूक भी किया जाएगा ताकि वे झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़कर सीधे अस्पतालों का रुख करें.

इस महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक में एसीएमओ डॉ. एएसपी सिन्हा, सीडीओ डॉ. चंदन कुमार, प्रभारी जिला पर्यवेक्षक बीएन झा, कुमार चंदन और कौशलेंद्र कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.

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दिव्यांशु प्रशांत

लेखक के बारे में

By दिव्यांशु प्रशांत

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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