बिना स्वीकृत पद के वेतन का लाभ लेने वाले शक्षिकों पर हुई कार्रवाई

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Jan 2016 7:09 PM

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बिना स्वीकृत पद के वेतन का लाभ लेने वाले शिक्षकों पर हुई कार्रवाई -शिकायत व अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों की खुली नींद- प्रोन्नति रद्द होने के बावजूद अवैध रूप से विद्यालयों में जमे थे जिले के नौ शिक्षक-आरडीडीइ के आदेश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने की कार्रवाई- योगदान में विलंब के […]

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बिना स्वीकृत पद के वेतन का लाभ लेने वाले शिक्षकों पर हुई कार्रवाई -शिकायत व अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों की खुली नींद- प्रोन्नति रद्द होने के बावजूद अवैध रूप से विद्यालयों में जमे थे जिले के नौ शिक्षक-आरडीडीइ के आदेश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने की कार्रवाई- योगदान में विलंब के लिए बीइओ होंगे जिम्मेवार फोटो -16कैप्सन- अखबार में प्रकाशित खबरप्रतिनिधि, सुपौलशिकायत एवं अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद आखिरकार शिक्षा विभाग के अधिकारियों की तंद्रा भंग हुई और बिना स्वीकृति के अवैध रूप से विद्यालयों में जमे शिक्षकों को अपने पूर्व के पदस्थापित विद्यालय में योगदान का आदेश जारी किया गया. आरडीडीइ सहरसा के निर्देश पर डीइओ ने कार्रवाई करते हुए उन्हें पूर्व के विद्यालयों में योगदान का आदेश दिया है. डीइओ ने सभी संबंधित बीइओ को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. वहीं निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी को आदेश के अनुपालन के बाद ही संबंधित शिक्षकों के वेतन भुगतान का निर्देश दिया गया है. गौरतलब है कि बिना स्वीकृति के अवैध रूप से पदस्थापित रह कर वेतन का लाभ लेने के मामले का खुलासा करते हुए पब्लिक विजिलेंस कमेटी के सचिव अनिल कुमार सिंह ने आरडीडीइ एवं आयुक्त कोसी प्रमंडल से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी. वहीं प्रभात खबर द्वारा इस 03 एवं 09 जनवरी के अंक में प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की गयी थी, जिसके बाद उक्त आदेश जारी किया गया है. क्या है मामला वर्ष 2013 में तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी सुलतान अहमद द्वारा स्थापना समिति की प्रत्याशा में जिले के नौ शिक्षकों को अवैध रूप से मैट्रिक प्रशिक्षित से स्नातक प्रशिक्षित वेतनमान में प्रोन्नति देकर नये विद्यालयों में पदस्थापित किया गया था.शिकायत के बाद उक्त प्रोन्नति को स्थगित कर दिया गया.लेकिन प्रोन्नति नहीं मिलने के बावजूद सभी शिक्षक अवैध रूप से नये पदस्थापित विद्यालयों में बने हुए थे और शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी की मिलीभगत से वेतन का लाभ ले रहे थे. आरडीडीइ के निर्देश पर हुई कार्रवाई पब्लिक विजिलेंस कमेटी के सचिव श्री सिंह के शिकायत पर आरडीडीइ के पत्रांक 25 (नि) दिनांक 07 जनवरी द्वारा जारी आदेश के आलोक में जिला शिक्षा पदाधिकारी मो जाहिद हुसैन ने अलग-अलग विद्यालयों के नौ शिक्षकों को पूर्व के मैट्रिक प्रशिक्षित वेतनमान वाले पदस्थापित विद्यालयों में वापस कर दिया है.डीइओ ने कहा है कि इस कार्यालय द्वारा शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को स्नातक प्रशिक्षित वेतनमान में स्वीकृति देने के पश्चात कार्यालय ज्ञापांक 1656 दिनांक 08 सितंबर 2014 द्वारा दी गयी प्रोन्नति को तत्काल स्थगित कर दिया गया है.इस आलोक में आरडीडीइ के आदेश पर सभी शिक्षकों को पूर्व के विद्यालयों में वापस किया जाता है.जिनके विरुद्ध हुई कार्रवाई बिना स्वीकृति के अवैध रूप से पदस्थापित शिक्षकों सुभाष कन्या मध्य विद्यालय त्रिवेणीगंज की शिक्षिका आशा कुमारी, उत्क्रमित मध्य विद्यालय लक्ष्मीनियां की भवानी कुमारी, उत्क्रमित मध्य विद्यालय मोहम्मदगंज के कमलेश्वरी पासवान, उत्क्रमित मध्य विद्यालय धत्ता टोला बसहा के विनोदानंद झा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय बेला सिंगार मोती के मुकेश पासवान, मध्य विद्यालय कुल्हरिया के हरि नारायण मंडल, उत्क्रमित मध्य विद्यालय फुलकाहा के सत्य नारायण कामती, मध्य विद्यालय श्रीपुर सुखासन के उदय कुमार झा एवं उर्दू मध्य विद्यालय मधुरा राजपुर के मो शौकत अली हैं. इन्हें अपने पूर्व के पदस्थापित विद्यालयों में योगदान का आदेश दिया गया है.विलंब के लिए बीइओ होंगे जिम्मेवार डीइओ के कार्यालय ज्ञापांक 52 (नि)09 जनवरी द्वारा जारी आदेश में सभी संबंधित बीइओ को पत्र प्राप्ति के साथ आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. पत्र के माध्यम से डीइओ ने कहा है कि सभी शिक्षकों को पूर्व के विद्यालयों में योगदान करवा कर प्रतिवेदित करना सुनिश्चित करें. इसमें होने वाले विलंब की सारी जवाबदेही बीइओ की होगी.

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