जगाड़ पुल के लिये जमा किया जा रहा बांस-बल्ला
जगाड़ पुल के लिये जमा किया जा रहा बांस-बल्ला अधिकारी की सहमति का है इंतजार फोटो है 17 मेंकैप्सन- जुगाड़ नाव पुल के लिऐ इकट्ठा हो रहा बांस मुख्य बातें – पांव पैदल लोगों को 10 रुपया, दो पहिया वाहन को 30 रुपया ,चार पहिया को 400-500 रुपया सेवा शुल्क लेकर नाव से कराया जाता […]
जगाड़ पुल के लिये जमा किया जा रहा बांस-बल्ला अधिकारी की सहमति का है इंतजार फोटो है 17 मेंकैप्सन- जुगाड़ नाव पुल के लिऐ इकट्ठा हो रहा बांस मुख्य बातें – पांव पैदल लोगों को 10 रुपया, दो पहिया वाहन को 30 रुपया ,चार पहिया को 400-500 रुपया सेवा शुल्क लेकर नाव से कराया जाता है नदी पार नाव पर चढ़ने एवं उतरने के दौरान बनी रहती है दुर्घटना की संभावना जलस्तर में गिरावट नौका परिचालन में खड़ी कर रही बड़ी समस्या बीच नदी में नाव अटकने पर घंटों खतरे के बीच पार होने की सताती रहती है चिंता जुगाड़ नाव पुल पर होता भारी वाहनों का आवागमन देर शाम या देर रात भी लोग करते हैं जुगाड़ पुल से पार……………………………………………..बेलदौर. डुमरी पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद उत्पन्न हुई आवागमन संकट का निदान अब तक नहीं हो पाने से लोगों में सरकार एवं अधिकारी के प्रति गहरी नाराजगी बनी हुई है. कोसी समेत प्रखंड वासियों के जिंदगी की नैया को कभी स्टील पाईल ब्रिज पार लगाता था. लेकिन 19 अगस्त 2014 को कोसी बागमती की तेज धारा ने लोगों से इस वैकल्पिक मार्ग का आसरा भी छीन लिया. इसके बाद नाविकों की नाव, जो तकनीकी मानक पर खरा साबित नहीं होने के बावजूद, लोगों को कोसी नदी पार करा रही है. इसकी जुगाड़ तकनीक ही आवागमन के सुलभ मार्ग बना कर आम लोग समेत अधिकारियों को नदी पार कराती है. भले ही इसकी तकनीक की अनदेखी की जाये. लेकिन स्टील ब्रिज मरम्मत पर ग्रहण लगते ही मांझी की नाव ही डुमरी पुल मरम्मत पूर्ण होने तक नदी पार करने के लिये अंतिम सहारा है. लोग रात के अंधेरे मे भी आवश्यक काम निबटाकर जिले से लौट रहे पदाधिकारी समेत आमलोगों को कोसी बागमती नदी को पार करा कर गंतव्य तक पहुंचाते हैं. जुगाड़ की तैयारी में जुटे नाविक सोमवार को नाव संचालक नदी पर नाव से नाव जोड़कर जुगाड़ पुल बनाने के लिऐ बांस इकट्ठा करने में जुटे थे. ताकि अविलंब पुल बनाकर लोगों से कम से कम सेवा शुल्क लेकर नदी पार करा सकें. लेकिन अधिकारियों से पूरी सहमति मिलने की आस में नाव संचालक पूरी मुस्तैदी से कार्य नहीं कर रहे थे. जुगाड़ पुल बनाने में जुटे नाविकों ने बताया कि हमारी जुगाड़ तकनीक पर भरोसा कर अधिकारी समेत सरकार के मंत्री भी अपने वाहन समेत नदी आर पार करते हैं. बावजूद इसके पुल बनाने में सहमति देने में परहेज कर रहे हैं. सहमति मिलने का इंतजार नाविकों को जुगाड़ पुल के लिए सहमति मिलने भर का इंतजार है. सहमति मिलते ही एक पखवारे में पूर्व से भी बेहतर जुगाड़ पुल बना कर तैयार कर दिया जायेगा. ताकि कम शुल्क में वाहन एवं नि:शुल्क पैदल यात्रियों को को सुरक्षित नदी पार कराया जा सका.
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