खुले आसमान के नीचे पढ़ने को विवश हैं छात्र

Updated:
विज्ञापन

खुले आसमान के नीचे पढ़ने को विवश हैं छात्र फोटो-09केप्सन- पेड़ के नीचे अध्ययन रत बच्चे प्रतिनिधि, छातापुरप्रखंड क्षेत्र में एक ऐसा भी विद्यालय है, जहां के नन्हे-मुन्ने बच्चे सुविधाओं के घोर अभाव के बावजूद प्रतिदिन बड़ी संख्या में अपनी उपस्थित दर्ज करा कर विभाग को मुंह चिढ़ा रहे हैं. यह इसलिए कि इस विद्यालय […]

विज्ञापन

खुले आसमान के नीचे पढ़ने को विवश हैं छात्र फोटो-09केप्सन- पेड़ के नीचे अध्ययन रत बच्चे प्रतिनिधि, छातापुरप्रखंड क्षेत्र में एक ऐसा भी विद्यालय है, जहां के नन्हे-मुन्ने बच्चे सुविधाओं के घोर अभाव के बावजूद प्रतिदिन बड़ी संख्या में अपनी उपस्थित दर्ज करा कर विभाग को मुंह चिढ़ा रहे हैं. यह इसलिए कि इस विद्यालय को स्थापना काल से आज तक अपना भवन नसीब नहीं हो पाया है. एमडीएम योजना किसे कहते हैं शायद ही इन बच्चों को पता हो, क्योंकि इन बच्चों ने आज तक इसका स्वाद नहीं चखा है. खास बात यह है कि इस विद्यालय में नामांकित शत प्रतिशत बच्चे अल्पसंख्यक व महादलित समुदाय से आते हैं. बावजूद इसके शिक्षा पाने की ललक लिये विद्यालय पहुंचने वाले बच्चे वृक्ष के नीचे झाडि़यों के बीच बोरा बिछा कर विद्या अर्जन करते हैं.छातापुर से चुन्नी जाने वाली पक्की सड़क के किनारे वृक्ष के नीचे विगत पांच वर्षों से संचालित इस विद्यालय में ड्रेस कोड का पालन कर पंक्ति बद्ध बच्चों की भीड़ अनायास ही हर आने-जाने वालों की नजर खींच लेती है. हम बात कर रहे हैं नवसृजित प्राथमिक विद्यालय मुसलिम – मुशहरी टोला नदी से पश्चिम चुन्नी की. विभागीय उपेक्षा का दंश झेल रहे इस विद्यालय पर आज तक की सरकारी मुलाजिमों की नजरें इनायत नहीं हुईं, जो विभागीय कार्यशैली को दरशाता है. भले ही प्रखंड मुख्यालय से महज दो किलोमीटर की दूरी पर यह विद्यालय अवस्थित हो. शिक्षा को मौलिक अधिकार बना दिया गया और विद्यालय में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की गरज से केंद्र व राज्य सरकार द्वारा पैसे को पानी कि तरह बहाया गया हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि खुले आसमान के नीचे अध्ययनरत सैकड़ों बच्चे बारिश शुरू होते ही सिर छपाने के लिए इधर – उधर भागते फिरते हैं. 75 से 80 प्रतिशत रहती उपस्थितिसुविधाओं के घोर अभाव के बीच इस विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति वैसे विद्यालयों के लिए प्रेरणादायक है जहां सुविधा व संसाधन की संपन्नता है. लेकिन उपस्थिति नाम मात्र.इस विद्यालय में तीन सौ छात्रों का नामांकन है.प्रतिदिन दो से ढाई सौ छात्रों की उपस्थिति रहती है. बुधवार को भी सवा दो सौ से अधिक छात्रों की उपस्थिति देखी गयी जो अनुशासित व कतारबद्ध बैठ कर अध्ययन कर रहे थे.विद्यालय प्रधान मो तमीजउद्दीन के अनुसार विद्यालय में चार शिक्षक पदस्थापित हैं. लेकिन बुधवार को प्रधान को छोड़ कर सभी शिक्षक अनुपस्थित थे.पूछने पर प्रधान ने बताया कि विभिन्न कारणों का हवाला देकर सहायक शिक्षक वीरेंद्र कुमार, शिक्षिका साजदा खातुन व उषा देवी सीएल पर हैं. इस स्थिति में एक मात्र प्रधान के कंधों पर उपस्थित दो सौ से अधिक बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेवारी थी. उन्होंने बताया कि भवन के अभाव में स्थापना काल से लेकर आज तक मध्याह्न भोजन योजना का संचालन नहीं हो पाया है. जमीन उपलब्ध आवंटन का टोंटाअन्य विद्यालयों में वर्ग कक्ष भवन की संपन्नता रहने के बावजूद वहां पुन: नये भवन निर्माण के लिए राशि आवंटन का खेल जग जाहिर है.प्रशासनिक अधिकारी से लेकर सभी को पता है कि भवन के लिए राशि के आवंटन पर मेटेरियल सप्लायरों कि पकड़ रहती है, क्योंकि भवन आवंटन के इच्छुक विद्यालय के प्रधानों से मोटी रकम की कीमत पर मेटेरियल सप्लायर ही एजेंट का काम करते हैं. जिसने मोटी रकम नहीं दी, उन्हें आवंटन नहीं रहने का बहाना बना कर टाल दिया जाता है. विद्यालय के प्रधान ने बताया कि लाख प्रयासों के बावजूद विभाग द्वारा विद्यालय को जमीन उपलब्ध कराने तथा भवन निर्माण के लिए सार्थक प्रयास नहीं किया गया. उनके व अविभावकों के अथक प्रयास के बाद तकरीबन छह माह पूर्व ही चुन्नी वार्ड नंबर एक के वार्ड सदस्य महादलित सदानंद सरदार ने साढ़े तीन कट्ठा जमीन विद्यालय को दान दिया है. उक्त जमीन राज्यपाल के नाम से निबंधित भी करायी जा चुकी है. जमीन उपलब्ध हो जाने के बाद भी विभाग द्वारा अब भवन निर्माण की राशि उपलब्ध नहीं रहने कि बात कही जा रही है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन