तिलयुगा के तट पर भगवान भाष्कर की प्रतिमा स्थापित कर होती है पूजा

Updated:
विज्ञापन

तिलयुगा के तट पर भगवान भाष्कर की प्रतिमा स्थापित कर होती है पूजा निर्मली. सूर्य उपासना का त्योहार छठ को लेकर स्थानीय तिलयुगा नदी के तट पर भगवान सूर्यदेव की प्रतिमा की स्थापना की गयी है. विगत चार वर्षों से निर्मली वासियों द्वारा छठ पर्व के अवसर पर तिलयुगा नदी के तट पर सूर्यदेव के […]

विज्ञापन

तिलयुगा के तट पर भगवान भाष्कर की प्रतिमा स्थापित कर होती है पूजा निर्मली. सूर्य उपासना का त्योहार छठ को लेकर स्थानीय तिलयुगा नदी के तट पर भगवान सूर्यदेव की प्रतिमा की स्थापना की गयी है. विगत चार वर्षों से निर्मली वासियों द्वारा छठ पर्व के अवसर पर तिलयुगा नदी के तट पर सूर्यदेव के भव्य प्रतिमा की स्थापना की जाती है. मंदिर कमेटी के अनिल कुमार साह, देवेश सिंह व अशोक साह का कहना है कि स्थानीय लोगों के सहयोग से सूर्य भगवान की प्रतिमा स्थापित कर धूमधाम से पूजा की जाती है. पूजा अर्चना को लेकर छठ घाटों को आकर्षक रूप से सजाया गया है. श्रद्धालु एवं छठ व्रती भगवान भास्कर के अस्त व उदय दोनों स्वरूपों को अर्घ्य प्रदान करेंगे.अनुमंडल क्षेत्र में सूर्यदेव के दर्शन के लिये तिलयुगा नदी के तट पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. फिलहाल सूर्यदेव की प्रतिमा को अंतिम रूप देते हुए कुशल कलाकारों द्वारा रंग-रोगन कर साज-सज्जा का कार्य किया जा रहा है. सूर्य मंदिर का निर्माण कर रहे कलकत्ता के कुशल कलाकार कल्याण पंडित, श्रवण पंडित, संजय पंडित का कहना है कि विगत चार वर्षों से निर्मली शहर के तिलयुगा नदी के तट पर सूर्यदेव की प्रतिमा का निर्माण करते आ रहे हैं. भगवान भास्कर के निर्माण के दौरान ही भक्त जनों की काफी भीड़ लगी रहती है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन