कार्टून व व्यंग्य चत्रि संवाद के सुलभ माध्यम

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कार्टून व व्यंग्य चित्र संवाद के सुलभ माध्यम ‘ विचारों की अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में कार्टूनों एवं व्यंग्य चित्रों का प्रभाव व महत्व’ विषय पर संगोष्ठी फोटो – 5,6कैप्सन – संगोष्ठी को संबोधित करते डीएम व उपस्थित प्रेस कर्मी व पदाधिकारी.प्रतिनिधि, सुपौल राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर सोमवार को जिला प्रशासन द्वारा […]

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कार्टून व व्यंग्य चित्र संवाद के सुलभ माध्यम ‘ विचारों की अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में कार्टूनों एवं व्यंग्य चित्रों का प्रभाव व महत्व’ विषय पर संगोष्ठी फोटो – 5,6कैप्सन – संगोष्ठी को संबोधित करते डीएम व उपस्थित प्रेस कर्मी व पदाधिकारी.प्रतिनिधि, सुपौल राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर सोमवार को जिला प्रशासन द्वारा समाहरणालय स्थित टीसीपी भवन में समारोह का आयोजन किया गया. मौके पर ‘ विचारों की अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में कार्टूनों एवं व्यंग्य चित्रों का प्रभाव व महत्व’ विषय पर संगोष्ठी भी हुई. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम रामचंद्रु डू ने सभी को प्रेस दिवस की शुभकामना दी. कहा कि 16 नवंबर, 1966 को देश में पहली बार प्रेस परिषद के रूप में एक स्वायत्त अर्ध न्यायिक सांविधिक संस्था का गठन किया गया था. लिहाजा यह दिन प्रेस की स्वतंत्रता एवं पत्रकारिता में आचार नीति का प्रतीक है. उन्होंने कार्टून व व्यंग्य चित्र को आम लोगों तक संवाद की पहुंच का सुलभ माध्यम बताया. श्री डू ने प्रेस की विश्वसनीयता, वचन बद्धता, निष्पक्षता एवं उद्देश्य परकता की आवश्यकता जतायी. कहा लोकतंत्र में सभी वर्ग के लोगों को अपने दायित्व का जिम्मेदारी पूर्वक निर्वाह करना चाहिए. अपर समाहर्ता अरुण कुमार ने मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए उन्हें प्रेस दिवस की बधाई दी. वरीय उप समाहर्ता सह डीपीआरओ बीके लाल के संचालन में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पत्रकार तपेश्वर मिश्र ने बेहतर पत्रकारिता के लिए प्रशासन व मीडिया कर्मियों के बीच आपसी सामंजस्य को जरूरी बताया. रामानंद सिंह रौशन ने कार्टून व व्यंग्य चित्र को संवाद का आकर्षक माध्यम बताया. उन्होंने समय – समय पर जिलाधिकारी से प्रेस वार्ता करने की अपील की. संजीव झा ने एक व्यंग्य चित्र को हजार शब्दों से बेहतर बताया. साथ ही संवाद स्थापित करने में मीडिया के साथ ही प्रशासन की पहल पर जोर दिया. जसीमुद्दीन रहमानी ने मीडिया की सराहना करते हुए कहा कि निष्पक्ष पत्रकारिता व दायित्वों के निर्वहन में पत्रकारों को अक्सर खतरा भी उठाना पड़ता है. बावजूद वे सफलता पूर्वक अपने कार्य को अंजाम दे रहे हैं. दयानंद भारती ने प्रेस की महत्ता एवं कार्टून व व्यंग्य चित्र की अहमियत को उजागर किया. जबकि जगदीश भारती ने ऐसे कार्यक्रम में पुलिस विभाग के प्रतिनिधि की उपस्थिति को आवश्यक बताया. कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम ने दीप प्रज्वलित कर किया. मौके पर दिवंगत प्रख्यात कार्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण एवं राजेंद्र पूरी को श्रद्धांजलि दी गयी. इस अवसर पर भरत कुमार झा, संतोष चौहान, मिथिलेश श्रीवास्तव, पंकज झा, अरुण झा, अंजनी कुमार, प्रमोद यादव, सुभाष झा, आर सी मेहता, जगदीश प्रसाद सहित अन्य उपस्थित थे.

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