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बादाम समझ 21 बच्चों ने खाया रतनजोत (बघनडी) का बीज, उल्टी व पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती

Updated at : 05 Dec 2024 6:55 PM (IST)
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बादाम समझ 21 बच्चों ने खाया रतनजोत (बघनडी) का बीज, उल्टी व पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती

फिलहाल राहत की बात यह है कि सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं

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त्रिवेणीगंज. थाना क्षेत्र के बघला वार्ड नंबर 09 में बुधवार की संध्या रेलवे के निर्माणाधीन पुल के पास खेलने व बकरी चराने के दौरान 21 बच्चों ने जंगल में लगे रतनजोत (बघनडी) के पौधे का बीज खा लिया. बीज खाने के करीब चार घंटे बाद सभी बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी. घटना के संबंध में पीड़ित बच्चों के परिजनों ने बताया कि स्कूल से घर लौटने के बाद खेलने और बकरी चराने के दौरान सभी बच्चे बादाम समझ कर बघनडी यानि रतनजोत के पौधे का बीज खा लिया. जब सभी बच्चे शाम को घर लौट कर आए तो रात करीब आठ बजे के आसपास बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत होने लगी. जिसके बाद सभी बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी. स्थिति को गंभीरता देखते हुए सभी बच्चों को परिजनों ने त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया है. ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ सूर्य किशोर मेहता ने बताया कि 21 बच्चों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत होने पर उनके परिजन बीती रात 09 बजे यहां लेकर आए हैं. सभी बच्चों का तुरंत इलाज शुरू किया गया है. फिलहाल राहत की बात यह है कि सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं. डॉक्टर ने कहा पीड़ित बच्चों के परिजन बता रहे हैं कि सभी बच्चे खेलने के दौरान बादाम समझ कर इसे खाया है. बीमार बच्चों की उम्र 04 से 12 वर्ष है. अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉक्टर सूर्य किशोर मेहता ने बताया कि ये जो पौधा है, इसके बीज का उपयोग आमतौर पर आयुर्वेदिक मेडिसिन में होता रहा है. लेकिन कोई मेडिसिन है. उसके डोज पर यह निर्भर करता है. इसके बीज को ये छोटे छोटे बच्चे एक दो या फ़िर तीन तीन बीज खा लिए हैं. इसलिए बीमार पड़ गए. इसका प्रयोग कम मात्रा में होने पर यह मेडिसिन में काम करता है. बीमार बच्चों में बघला वार्ड नंबर 9 निवासी मो समसुल का 5 वर्षीय पुत्री आजमीन खातून, मोहम्मद वसीर का 8 वर्षीय पुत्र महबूब, मोहम्मद आजाद का 7 वर्षीय पुत्र मो इरशाद, मोफाजिल की 4 वर्षीय पुत्री निखत प्रवीण, मो जुबेर की 4 वर्षीय पुत्री अमया खातून, मो सद्दाम की 5 वर्षीय पुत्री सुमैया, मो ईनुस का 12 वर्षीय पुत्र मो सदीक, मो वसीर के 7 वर्षीय पुत्र जैसमीन, मो इनुश के 12 वर्षीय पुत्र मो अबेबुला, मो फजल के 6 वर्षीय पुत्री चांदनी प्रवीण, मो मुबारक के 7 वर्षीय पुत्री सजदा प्रवीण, मो मुबारक के 4 वर्षीय पुत्री सजिदा प्रवीण, मोहम्मद सवेर के 5 वर्षीय पुत्री सदिमा प्रवीण, मो वसीर के 6 वर्षीय पुत्री जैसमीना, मो सदाम के 6 वर्षीय पुत्र मो सादिक, मो समसुल के 9 वर्षीय पुत्री नजमा खातून, मो जुबेर के 6 वर्षीय पुत्र मो आजम, मो जुवेर के 7 वर्षीय पुत्री आसमा खातून आदि शामिल हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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