मनुष्य का मन पवित्र होगा, तो व्यभिचार पर लगेगी लगाम : पंडित जीवेश्वर मिश्र
Updated at : 06 Dec 2019 8:27 AM (IST)
विज्ञापन

सुपौल : भारत एक आध्यात्मिक राष्ट्र है और इस अध्यात्मिकता के उन्नयन के लिए श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन सदर प्रखंड क्षेत्र स्थित बाबा पीठ कर्णपुर में हो रहा है. कथा मनुष्य जीवन की सार्थकता को सिद्ध करती है. जीवन के विभिन्न पहलुओं पर भागवत कथा में विषद वर्णन किया गया है. एक आदर्श जीवन […]
विज्ञापन
सुपौल : भारत एक आध्यात्मिक राष्ट्र है और इस अध्यात्मिकता के उन्नयन के लिए श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन सदर प्रखंड क्षेत्र स्थित बाबा पीठ कर्णपुर में हो रहा है. कथा मनुष्य जीवन की सार्थकता को सिद्ध करती है. जीवन के विभिन्न पहलुओं पर भागवत कथा में विषद वर्णन किया गया है. एक आदर्श जीवन के लिए भागवत कथा का अमृतपान सभी मनुष्यों को करना चाहिए.
यह बातें विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह मायर प्रेमी मंडल के संस्थापक पंडित जीवेश्वर मिश्र ने गुरूवार को बाबा पीठ कर्णपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही. उन्होंने कहा राजा परीक्षित अपने जीवन की संपूर्णता को प्राप्त करने के लिए श्री सुकदेव मुनी जी से भागवत कथा का श्रवण द्वापर युग के अंत में किया था. उस समय से श्रीमद् भागवत कथा का परायण एवं कथा का विश्लेषण भारतवर्ष में निरंतर होता रहा है. श्री मिश्र ने कहा कि जब तक अध्यात्मिक दृष्टि से हमारा देश समुन्नत था. उस समय घरों में ताले नहीं लगाए जाते थे.
चोरी, डकैती व्यभिचार नहीं होता था. जिसकी चर्चा भारत यात्रा करने आए चीनी यात्री व्हे्नसांग फांयोग ने किया था. जब से आध्यात्मिक जीवन का व्यक्तियों में ह्रास हुआ है. तब से भारत में भ्रष्टाचार, व्यभिचार बढ़ने लगा. कहा कि मनुष्य का मन पवित्र होगा तो स्वाभाविक रूप से भ्रष्टाचार और व्यभिचार पर लगाम लगेगा.
श्री मिश्र ने कहा श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से लोगों में अध्यात्मिक चेतना का विकास करने हेतु बाबा पीठ कर्णपुर में श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह का आयोजन किया गया है. इस कार्यक्रम में पर्यावरण की सुरक्षा माताओं का सम्मान सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों के संबंध में विशेष चर्चा होगी. भागवत कथा का श्रवण करने से लोगों में अध्यात्मिक चेतना का विकास होगा. इस मौके पर वीरेंद्र चौधरी, भगवानजी पाठक आदि उपस्थित थे.
आदर्श जीवन के लिए भागवत कथा का करना चाहिए अमृतपान
द्वापर युग के अंत में राजा परिक्षित ने भी किया था श्रवण
06 से 12 दिसंबर तक होगा भागवत कथा
भागवत कथा का आयोजन बाबा पीठ कर्णपुर में 06 से 12 दिसंबर तक चलेगा. श्रीमद् भागवत कथा का परायण सुबह 8:00 बजे से 1:00 बजे तक संस्कृत में होगा. वहीं 2:00 अपराह्न से 6:00 संध्या तक कथा प्रवचन का कार्यक्रम होगा. 13 दिसंबर को हवन और भंडारा कार्यक्रम के साथ ही कार्यक्रम का समापन होगा. कथा का वाचन कथा व्यास आचार्य सुकदेव जी महाराज करेंगे. वहीं संस्कृत में कथा का परायण मणि रमण शास्त्री द्वारा किया जाएगा.
निकाली गयी कलश यात्रा
बाबा पीठ कर्णपुर परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ से पूर्व गुरूवार को विधि विधान पूर्वक 108 कुंवारी कन्याओं द्वारा कलश यात्रा निकाली गई. कलश यात्रा कर्णपुर स्थित श्रीकृष्ण मंदिर दक्षिण टोला से होते हुए श्रीकृष्ण मंदिर उत्तर टोला, शैलेश स्थान होते गांव का भ्रमण करते बाबा पीठ परिसर पहुंची. कलश को प्रवचन मंडप के चारों ओर रखा गया.
भागवत कथा समापन के बाद कलश जल को पर्यावरण संरक्षित करने के लिए वृक्षों में डाला जायेगा. कलश यात्रा की अगुवाई प्राणेश्वर मिश्र, सुबोध पाठक, मिथिलेश पाठक, अजीत पाठक, विनय झा, ईश्वर जी, कपिल जी, प्रेम कुमार ठाकुर, किशोर यादव, दल्लू पाठक आदि कर रहे थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




