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दर्जनों गांव में नेपाल से आये हाथी ने मचाया कहर, लोगों में दहशत, फसलों को भी रौंदा

Updated at : 07 Mar 2019 4:45 AM (IST)
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दर्जनों गांव में नेपाल से आये हाथी ने मचाया कहर, लोगों में दहशत, फसलों को भी रौंदा

राघोपुर : नेपाल के जंगल से बुधवार को आये एक हाथी ने प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न जगहों पर जमकर उत्पात मचाया. जिसमें तीन व्यक्तियों की मौत के साथ-साथ लगभग आधा दर्जन लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है. प्राप्त जानकारी अनुसार करजाईन थाना क्षेत्र के बसावनपट्टी गांव निवासी सुजितचंद्र चेल की 35 वर्षीया पत्नी […]

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राघोपुर : नेपाल के जंगल से बुधवार को आये एक हाथी ने प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न जगहों पर जमकर उत्पात मचाया. जिसमें तीन व्यक्तियों की मौत के साथ-साथ लगभग आधा दर्जन लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है.

प्राप्त जानकारी अनुसार करजाईन थाना क्षेत्र के बसावनपट्टी गांव निवासी सुजितचंद्र चेल की 35 वर्षीया पत्नी पुतुल देवी को हाथी ने सर्वप्रथम घायल कर दिया. लोगों ने बताया कि पुतुल देवी किसी काम से घर के बाहर सड़क किनारे खड़ी थी, इसी बीच हाथी ने उनपर हमला बोल दिया, जिससे उनके दोनों पैरों की हड्डी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी.
जिसके बाद उन्हें रेफरल अस्पताल राघोपुर लाया गया, लेकिन तत्काल ही डॉक्टरों ने बेहतर इलाज हेतु उन्हें रेफर कर दिया. वहीं वसावनपट्टी से निकलने के बाद हाथी ने करजाईन थाना क्षेत्र के ही छींट मोतीपुर निवासी 50 वर्षीय युगेश्वर यादव को बुरी तरह कुचल डाला. जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गयी.
बताया जा रहा है कि युगेश्वर यादव अपने खेत से काम कर लौट रहे थे, इसी दौरान हाथी ने उनपर हमला बोल दिया. बताया कि हाथी को देख युगेश्वर यादव अपनी साइकिल सड़क किनारे छोड़ ही खेतों में जा भागा. लेकिन हाथी ने उनका पीछा करते हुए खेत में घुसकर उन्हें रौंद दिया. हाथी ने कई बार उन्हें पैरों से कुचला, जिसके कारण उन्होंने वहीं दम तोड़ दिया. ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन पूर्व ही युगेश्वर यादव के माता का श्राद्धकर्म संपन्न हुआ था और दो दिन बाद ही उनके परिवार पर एक और मातम आ गया.
घटनास्थल पर पहुंचे डीएम व एसपी लिया जायजा
वहीं बौखलाए हाथी द्वारा निर्दोष लोगों को मारे जाने से गुस्साए हजारों लोगों ने हाथी को घेरने का प्रयास किया. लेकिन नतीजा सिफर रहा. जिसके बाद लोगों द्वारा बीडीओ सुभाष कुमार, सीओ जगन्नाथ चौधरी, थानाध्यक्ष नागेन्द्र कुमार एवं वन विभाग के रेंजर को इसकी सूचना दी गयी. जिसके बाद अधिकारियों ने देवीपुर पहुंचकर मामले का जायजा लेते हुए हाथी को बंधक बनाने का प्रयास शुरू कर दिया.
इस बीच सूचना पर एसडीएम सुभाष कुमार एवं एसीपी रामानंद कौशल भी घटनास्थल पर पहुंच गये. साथ ही नेपाल के वन अधिकारियों को भी इसकी सूचना दी गयी. दो देशों का मामला रहने का कारण तत्काल ही इन अधिकारियों ने अपने उच्चाधिकारियों को इस बाबत सूचना दी.
जिसके बाद जिलाधिकारी महेंद्र कुमार एवं एसपी मृत्युंजय चौधरी भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले का जायजा लिया. घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे जदयू प्रखंड अध्यक्ष कमल प्रसाद यादव, पूर्व विधायक उदय प्रकाश गोईत आदि ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है.
जहलीपट्टी में बकरी चरा रही महिला को रौंदा
इसके बाद हाथी आगे बढ़कर रास्ते में उत्पात मचाते हुए राघोपुर थाना क्षेत्र के धर्मपट्टी गांव में अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया. इस दौरान हाथी ने सड़क किनारे खड़े एक 12 वर्षीय बच्चे को अपने चपेट में ले लिया.
जानकारी अनुसार धर्मपट्टी निवासी मो तस्लीम के पुत्र जब्बार सड़क किनारे खड़ा था, इसी बीच हाथी ने उसे अपने लपेटे में ले लिया. हालांकि समय रहते लोगों द्वारा बच्चे को किसी तरह हाथी के चंगुल से निकाल लिया गया.
लेकिन तब तक बच्चा बुरी तरह घायल हो चुका था. जिसके बाद लोगों ने बच्चे को रेफरल अस्पताल राघोपुर लाया. चिकित्सकों ने बेहतर इलाज हेतु उसे तुरंत रेफर कर दिया. वहशी एवं आक्रोशित हाथी का कहर यहीं नहीं समाप्त हुआ. हाथी धर्मपट्टी गांव से निकलकर रामपुर के रास्ते खेत एवं बस्ती होते हुए देवीपुर पंचायत जा पहुंचा.
यहां भी हाथी ने एक और जान ले ली. देवीपुर पंचायत के जहलीपट्टी गांव निवासी 55 वर्षीया वृद्ध चनिया देवी अपने बकरी को खेत में चारा खिला रही थी, इसी बीच हाथी ने उन्हें भी लपेटे में ले लिया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बौखलाया हाथी ने पीछे से उक्त वृद्ध महिला को सूंढ से मार दिया. साथ ही पैरों से भी कुचलने का भरपूर प्रयास किया. जिससे उक्त वृद्ध महिला का मौत मौके पर ही हो गया.
कहते हैं वन पदाधिकारी
वन विभाग के अधिकारी कहते हैं कि वन विभाग के बड़े अधिकारी के पास भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में बार लगाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है. अब निर्णय उन्हीं को करना है. वनपाल केके झा ने बताया कि हाथी के आने पर लोग अगर अधिक शोर शराबा न करें तो हाथी शांति से निकल जायेगा. वो अधिक नुकसान भी नहीं करेगा.
लेकिन जब हम पटाखे चलाएंगे व शोर आदि करेंगे तो वो अधिक नुकसान करेंगे. वनपाल श्री झा कहते है कि जंगली इलाको में हाथियों से निपटने के संसाधन होते है. यहां पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं है. वरीय अधिकारियों के संज्ञान में पूरा मामला लाया गया है. उनके आदेश के आलोक में अग्रेतर करवाई की जाएगी.
झुंड से भटक कर पहुंचा हाथी
फोरेस्टर केके झा ने बताया कि एक विशालकाय हाथी झुंड से भटक कर इस इलाके में आ पहुंचा. लोगों के शोर शराबे को देख यह इधर से उधर भाग रहा है. लोग जितना अधिक शोर मचाते वह विचलित एवं भयभीत होकर उतनी ही तेजी से भाग रहा है. हाथी को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो रही है. भीड़ को देख हाथी और भी घबराया हुआ दिख रहा है.
मृतक के परिजनों को मिलेगी चार लाख की राशि
एसडीएम सुभाष कुमार ने बताया कि हाथी द्वारा उत्पात मचाए जाने के दौरान अपनी जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को सरकार द्वारा चार लाख रुपये की सहायता राशि दी जायेगी. साथ ही घायलों को इलाज का खर्च दिया जायेगा.
क्षति पूर्ति की है व्यवस्था
जंगली हाथियों से फसल को होने वाली क्षति के बारे में रेंजर सुरेश गुप्ता ने बताया कि फसलों के नुकसान के लिए वन विभाग द्वारा क्षति पूर्ति के रूप में मुआवजा दिया जा रहा है.
स्थायी समाधान की मांग
स्थायी समाधान की मांग आमलोगों की ओर से है. सूर्य नारायण मेहता, राम नरेश सिंह, गुलते यादव, फोचो पासवान आदि कहते हैं कि हाथियों को सीमा पार से आने का सिलसिला रोकने के लिये स्थायी समाधान खोजा जाना चाहिए. अब तक वन विभाग द्वारा इस दिशा में कई गयी पहल पर्याप्त नहीं है.
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