सात पंचायतों में बाढ़ का खतरा

Published at :03 Jul 2017 4:36 AM (IST)
विज्ञापन
सात पंचायतों में बाढ़ का खतरा

आशंका. जल-स्तर में वृद्धि के बाद 70 हजार से अधिक की आबादी होगी प्रभावित नवहट्टा : शनिवार रात कोसी बराज से वर्ष का सबसे अधिकतम डिस्चार्ज एक लाख 94 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया. हालांकि रविवार को कोसी बराज से डिस्चार्ज घट कर एक लाख 49 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया. इस घटते बढ़ते नदी […]

विज्ञापन

आशंका. जल-स्तर में वृद्धि के बाद 70 हजार से अधिक की आबादी होगी प्रभावित

नवहट्टा : शनिवार रात कोसी बराज से वर्ष का सबसे अधिकतम डिस्चार्ज एक लाख 94 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया. हालांकि रविवार को कोसी बराज से डिस्चार्ज घट कर एक लाख 49 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया. इस घटते बढ़ते नदी के जल-स्तर से कोसी तटबंध के अंदर के सात पंचायत में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है.
रविवार रात से नदी के जल-स्तर में हो रही बढ़ोतरी से तटबंध के अंदर के सात पंचायत हाटी, केदली, डरहार, बकुनियां, नौला, सत्तौर व शाहपुर पंचायत के रामजी टोला में बाढ़ का पानी प्रवेश करना शुरू कर दिया है. जिससे तटबंध के अंदर के सात पंचायत 70 हजार से अधिक की आबादी बाढ़ की चपेट में आ गयी है.पूर्वी कोसी तटबंध के 72 किलोमीटर से 84 किलोमीटर के बीच नदी व तटबंध के दूरी सामान्य बनी हुई है. हालांकि नदी पूर्वी कोसी तटबंध के ई टू स्पर के अप स्टीम में नदी का हल्का दबाव है. लेकिन खतरे जैसे कोई स्थिति नहीं है. तटबंध के दोनों कैंप 82 किलोमीटर पर कनीय अभियंता कुणाल व 83.40 पर जेई विरेंद्र कुमार कैंप किये हुए है व पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है.
इन पंचायत के गांवों में है बाढ़ का खतरा
पूर्वी व पश्चिमी कोसी तटबंध के बीच बसे नवहट्टा प्रखंड के सात पंचायत के हाटी, एराजी, कटुआर, मुरली, देवका, केदली, रामपुर, छतवन, पहाड़पुर, परताहा, बड़हारा, डरहार, बरबा, झरबा, सितली, रामनगर, लालपुर, नौला, गढ़िया, लौहार, रसलपुर, सत्तौर, बरूआही, कौयला सहित अन्य गांव में नदी का पानी प्रवेश कर रहा है. जिसमें तटबंध के अंदर के गांव में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है.
नाव की मांग
हाटी पंचायत के पूर्व मुखिया गणेश कुमार गुप्ता व बकुनियां पंचायत के पूर्व मुखिया मंजू देवी ने अंचल प्रशासन से नाव के परिचालन की मांग की हे. उन्होंने कहा कि शनिवार रात से ही नदी के जल-स्तर में वृद्धि हो रही है. पानी गांव में प्रवेश कर रहा है. लेकिन नाव की व्यवस्था नहीं है.
कहते हैं अधिकारी
अंचलाधिकारी शफी अख्तर ने बताया कि नदी के जल-स्तर में वृद्धि को देखते हुए सभी पंचायत में हल्का कर्मचारी को वस्तु स्थिति के आकलन के लिए भेजा गया है. आवश्यकता अनुसार विभिन्न रूटों पर नाव का परिचालन किया जायेगा.
सिमरी : पूर्व मध्य रेलवे अंतर्गत सहरसा-मानसी रेलखंड के फनगो हॉल्ट के निकट स्पर संख्या छह और सात के बीच रेलवे द्वारा बोल्डर गिराने का सिलसिला जारी है. हालांकि कटाव निरोधी कार्य नहीं शुरू हो पाया है. ग्रामीणों के अनुसार बीते दस दिनों मे गिराये गये बोल्डर जस-के-तस पड़े हैं. बोल्डिंग अनलोडिंग के दौरान मौके पर एइएन दुर्गा प्रसाद, आइओडब्लू संजीव कुमार, पीडब्लूआइ अजय कुमार सहित अन्य मौजूद थे. सहरसा-मानसी रेलखंड के फनगो हॉल्ट के निकट कोसी का कटाव रेलवे के लिए हमेशा से सिर दर्द हो गया. बीते साल भी जून से ही कटाव का दंश रेलखंड पर पड़ने लगा था. लेकिन जुलाई की शुरुआत में रेलवे की नींद खुली थी और रेलवे द्वारा आनन फानन में रेलवे अधिकारियों की भारी-भरकम फौज की फनगो हॉल्ट पर तैनाती की गयी. लेकिन तैनाती के बाद कटाव रोकने की व्यवस्था नहीं की गयी. 23 जुलाई को दोपहर तीन बजे रेलवे के विशेष सैलून से समस्तीपुर रेलमंडल के डीआरएम सुधांशु शर्मा फनगो हॉल्ट स्थित कटाव स्थल पर पहुंचे. लगभग पांच घंटे तक कटाव स्थल और पुल संख्या 47 के निरीक्षण के बाद डीआरएम ट्रॉली के माध्यम से कोपड़िया चले आये. फिर देर रात्रि लगभग ग्यारह बजे ट्रॉली के माध्यम से डीआरएम सहित अन्य अधिकारी कटाव स्थल और पुल स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे. लगभग दो घंटे तक सभी चीजों का जायजा लेने के बाद रात डेढ़ बजे के लगभग डीआरएम ने रेलखंड के परिचालन पर ब्रेक लगा दिया था. जिसके बाद लगभग दो दिनों तक कटाव स्थल पर खुद से रह कर तत्कालीन डीआरएम सुधांशु शर्मा द्वारा बड़े पैमाने पर कटाव निरोधी कार्य चलाया गया था.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन