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छह समितियों ने जान बूझकर फंसाया 1015 टन चावल

Updated at : 01 Aug 2025 10:14 PM (IST)
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छह समितियों ने जान बूझकर फंसाया 1015 टन चावल

जिले में सीएमआर आपूर्ति में घोर लापरवाही बरतने और लंबे समय तक धान को गोदाम में रोककर रखने वाली समितियों पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है. छह समितियों द्वारा 1015 टन यानी लगभग 35 लॉट धान गोदाम में रखा गया है.लेकिन समय पर इसे संबंधित राइस मिल को नहीं सौंपा गया. इसे गंभीर गड़बड़ी मानते हुए जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरव कुमार ने इन सभी समितियों के गोदामों की जांच का आदेश जारी किया है.

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प्रतिनिधि, सीवान. जिले में सीएमआर आपूर्ति में घोर लापरवाही बरतने और लंबे समय तक धान को गोदाम में रोककर रखने वाली समितियों पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है. छह समितियों द्वारा 1015 टन यानी लगभग 35 लॉट धान गोदाम में रखा गया है.लेकिन समय पर इसे संबंधित राइस मिल को नहीं सौंपा गया. इसे गंभीर गड़बड़ी मानते हुए जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरव कुमार ने इन सभी समितियों के गोदामों की जांच का आदेश जारी किया है. उन्होंने कहा है कि यदि जांच के दौरान गोदाम में धान नहीं मिला तो संबंधित पैक्स अध्यक्ष व प्रबंधक पर प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. वहीं अगर धान उपलब्ध होता है, तो उसे जल्द-से-जल्द चावल में बदलकर राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) को आपूर्ति करने का निर्देश दिया गया है. इन छह समितियों में बड़हरिया, गोरेयाकोठी, जीरादेई, बसंतपुर, आंदर और रघुनाथपुर प्रखंड की समितियां शामिल हैं. डीसीओ के निर्देश पर गोदामों की जांच के लिए संबंधित प्रखंड के सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर दी गई है. इससे पहले तीन पैक्स की जांच कराने के लिए आदेश दिया गया था.जिनमें से एक के गोदाम में ताला बंद मिलने और धान नहीं पाये जाने पर प्राथमिकी दर्ज कर दी गई है. जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरव कुमार ने पत्र जारी कर कहा है कि शुक्रवार को धान अधिप्राप्ति की समीक्षा की गयी. समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले की छह पैक्स समितियों ने पांच लाट या उससे अधिक चावल (सीएमआर) की आपूर्ति बिहार राज्य खाद्य निगम को अब तक नहीं की है. इससे साफ जाहिर होता है कि इन समितियों के द्वारा सीएमआर चावल की आपूर्ति में जानबूझकर शिथिलता बरती जा रही है.डीसीओ ने बताया कि विभाग और जिला पदाधिकारी की ओर से अधिप्राप्ति की समीक्षा रोजाना की जा रही है. इसके बावजूद कुछ समितियां लापरवाही कर रही हैं, उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित बीसीओ अपने-अपने प्रखंड के पैक्स गोदामों का भौतिक सत्यापन अवश्य करें. अगर जांच के दौरान धान की उपलब्धता पाई जाती है तो उसे शीघ्र ही संबंधित राइस मिल को उपलब्ध कराया जाए, ताकि चावल बनाकर राज्य खाद्य निगम को भेजा जा सके. लेकिन अगर गोदाम में धान नहीं मिलता है तो उस पैक्स पर प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. डीसीओ ने यह भी कहा कि जांच के समय सभी पैक्स अध्यक्ष और प्रबंधक संबंधित अधिकारियों को पूरा सहयोग करें. उन्होंने बताया कि बड़हरिया प्रखंड के औराई पैक्स के पास 9 लाट, गोरेयाकोठी के कर्णपूरा पैक्स के पास 6 लाट, जीरादेई के मझवलिया पैक्स के पास 5 लाट, बसंतपुर के बसंतपुर पैक्स के पास 5 लाट, आंदर के जयजोर पैक्स के पास 5 लाट और रघुनाथपुर के रघुनाथपुर पैक्स के पास 5 लाट चावल बकाया है.जिले में अब तक 97,337 टन धान की खरीद हो चुकी है. इसके बदले 66,037 टन चावल देना है, जबकि अभी तक सिर्फ 57,401.264 टन चावल ही जमा हुआ है. अब भी 8635.736 टन चावल की आपूर्ति शेष है.डीसीओ ने बताया कि चावल आपूर्ति की रफ्तार बहुत धीमी है और कई समितियों द्वारा लगातार लापरवाही बरती जा रही है. जिससे अधिप्राप्ति का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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