अब समाहरणालय से होगी हर सोलर लाइट पर नजर, सीवान में 31 हजार से ज्यादा लाइटों की लाइव मॉनिटरिंग शुरू
Published by : Sakshi kumari Updated At : 20 May 2026 7:34 AM
समाहणालय में लगा नया एलईडी टीवी
Siwan News: सीवान जिले में अब सोलर स्ट्रीट लाइटों की निगरानी पूरी तरह हाईटेक सिस्टम से होगी. समाहरणालय में लगाई गई 75 इंच की एलईडी स्क्रीन के जरिए जिलेभर की 31 हजार से ज्यादा सोलर लाइटों का लाइव डेटा देखा जा रहा है, जिससे खराब लाइटों की तुरंत पहचान और मरम्मत संभव हो सकेगी.
Siwan News: (विवेक कुमार सिंह) जिले के पंचायतों और वार्डों में लगी सोलर स्ट्रीट लाइट्स की निगरानी अब पूरी तरह हाईटेक सिस्टम से की जा रही है. लगातार मिल रही शिकायतों और खराब पड़ी लाइटों की समस्या को देखते हुए पंचायती राज विभाग और ब्रेडा (बिहार रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी) ने केंद्रीकृत अनुश्रवण प्रणाली शुरू की है. इसके तहत समाहरणालय परिसर के भूतल पर करीब दो लाख रुपये की लागत से 75 इंच की एलईडी स्क्रीन लगाई गई है, जिस पर जिलेभर की सोलर लाइटों का लाइव डेटा दिखाई दे रहा है.
एक क्लिक में पता चलेगा कौन सी लाइट खराब
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब अधिकारियों को तुरंत जानकारी मिल जाएगी कि कौन सी लाइट जल रही है, कौन सी बंद है और कौन सी खराब पड़ी है. इससे खराब लाइटों की पहचान और मरम्मत में तेजी आएगी. पहले पंचायत स्तर से शिकायत आने के बाद विभाग तक सूचना पहुंचती थी, लेकिन अब किसी भी खराबी का अपडेट सीधे सिस्टम में दर्ज होकर एलईडी स्क्रीन पर दिखाई देगा.
31,995 सोलर लाइटों का डेटा हुआ ऑनलाइन
एलईडी स्क्रीन पर प्रदर्शित आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक कुल 31,995 सोलर लाइटें लगाई गई हैं. इनमें से करीब 99 लाइटें ऑन स्थिति में दिखाई दे रही हैं, जबकि लगभग 25,239 लाइटें ऑफ दर्ज हैं. वहीं 77 से अधिक लाइटें खराब बताई जा रही हैं. इस डेटा की मदद से विभाग अब पूरे जिले की लाइट व्यवस्था पर लगातार नजर रख सकेगा.
एजेंसियों की लापरवाही पर लगेगी लगाम
अधिकारियों का कहना है कि कई पंचायतों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि खराब लाइटें कई दिनों तक ठीक नहीं होती थीं. एजेंसियों की लापरवाही को देखते हुए यह नई तकनीकी व्यवस्था लागू की गई है. अब खराबी की जानकारी तुरंत सामने आने से संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी.
ऊर्जा और पर्यावरण से जुड़े आंकड़े भी होंगे उपलब्ध
सिस्टम में केवल लाइटों की स्थिति ही नहीं बल्कि ऊर्जा और पर्यावरण से जुड़े आंकड़े भी शामिल किए गए हैं. इससे प्रशासन को ऊर्जा बचत और ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का भी आकलन करने में मदद मिलेगी.
ग्रामीण इलाकों में रोशनी व्यवस्था सुधारने की बड़ी पहल
जिला पंचायत राज पदाधिकारी बालेंदु नारायण पांडेय ने बताया कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पंचायतों में लगी सोलर लाइटों की कार्यक्षमता पर लगातार नजर रखना है. इससे खराब लाइटों की पहचान तेजी से होगी और मरम्मत कार्य में पारदर्शिता आएगी. इस नई तकनीकी पहल को ग्रामीण क्षेत्रों में रोशनी व्यवस्था सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
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By Sakshi kumari
साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में अपनी करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.
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