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सरयू का जल स्तर खतरे के निशान से 1.37 मीटर नीचे

Updated at : 19 Jul 2025 9:39 PM (IST)
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सरयू का जल स्तर खतरे के निशान से 1.37 मीटर नीचे

सरयू नदी के बढ़ते जल स्तर से स्थानीय लोगों में फिर से दहशत हो गया है. सरयू किनारे बसे लोगों की माने तो पिछले चार दिनों में सरयू के जल स्तर में निरंतर उतार- चढ़ाव देखा गया. उन्होंने बताया कि बारिश और गंगा नदी से पानी छोड़ने के बाद नदी में इस तरह का बदलाव देखा गया है.

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प्रतिनिधि,गुठनी. सरयू नदी के बढ़ते जल स्तर से स्थानीय लोगों में फिर से दहशत हो गया है. सरयू किनारे बसे लोगों की माने तो पिछले चार दिनों में सरयू के जल स्तर में निरंतर उतार- चढ़ाव देखा गया. उन्होंने बताया कि बारिश और गंगा नदी से पानी छोड़ने के बाद नदी में इस तरह का बदलाव देखा गया है. इस संबंध में जेई शुभम कुमार सिंह ने बताया कि सरयू नदी का वर्तमान जल स्तर 58.45 मीटर है. वार्निंग लेवल से 1.37 मीटर और डेंजर लेवल से 2.37 मीटर नीचे सरयू नदी बह रही है. उन्होंने बताया कि इस तरह के बदलाव नदी में देखने को मिलते हैं. खतरे के निशान के करीब पहुंचा है सरयू का जल स्तर सरयू नदी खतरे का निशान के करीब पहुंच रही हैं. शनिवार को जारी जल संसाधन विभाग के बुलेटिंग के अनुसार सरयू नदी खतरे के निशान से 60.82 मीटर से मात्र 1.37 मीटर दूर है. जबकि डेंजर लेबल से 2.37 मीटर नीचे पर बह रही है. सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से गोगरा तटबंध पर दबाव और बढ़ जाएगा. वहीं निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भी घुसने लगता है. जिससे फसलों को भारी नुकसान होता है. बाढ़ से 300 घरों पर मंडराता है हर साल खतरा सरयू नदी में आने वाले हर साल बाढ़ से खेती योग्य भूमि को भारी नुकसान होता है. वही सरयू नदी के किनारे बसे गांवों सोहगरा, सोनहुला, श्रीकरपुर, गोहरुआ, गुठनी, योगियाडीह, तिरबलुआ, ग्यासपुर, बलुआ, मैरिटार, दरौली, नरौली, केवटलिया, डूमरहर, अमरपुर, गंगपुर, सिसवन के निचले इलाकों में पानी घुस जाता है. जबकि 300 घरों पर बाढ़ का खतरा मंडराता रहता है. विधायक ने विभाग पर लगाया सरकारी मापदंडों का ख्याल न रखने का आरोप ग्रामीणों का आरोप था कि हर साल कटाव के बावजूद विभाग कोई त्वरित काम नहीं करता. जिससे बाढ़ से पूर्व कटाव को रोका जा सके. माले विधायक सत्यदेव राम का कहना है कि विभाग की लापरवाही से मजदूर, गरीब, किसान और पिछड़े वर्ग के लोगों को भारी नुकसान हो रहा है. इसमें अधिकारियों और ठेकेदारों की मनमानी साफ झलकती है. वावजूद कटाव निरोधी कार्य को समय रहते पूरा नही किया जाता. इस पर कोई ठोस पहल नहीं किया जा रहा है. आने वाले दिनों में पार्टी इस पर भी आंदोलन करेगी. इस संबंध में कार्यपालक अभियंता मदन चंद चौधरी ने बताया कि गुठनी से लेकर सिसवन तक के इलाको की स्थिति सामान्य है. एसडीओ और जेई को समय समय पर बाढ़ और कटाव से संबंधी रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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