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जेल में संदेहास्पद स्थिति में कैदी की मौत

Updated at : 02 Aug 2025 9:36 PM (IST)
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जेल में संदेहास्पद स्थिति में कैदी की मौत

सीवान.जेल में बंद एक कैदी की शनिवार की सुबह संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई. मृतक की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के महोद्दीपुर निवासी फैज अनवर उर्फ बिहार के रूप में की गई. जो असलम मियां का 18 वर्षीय से पुत्र बताया जा रहा है.

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प्रतिनिधि, सीवान.जेल में बंद एक कैदी की शनिवार की सुबह संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई. मृतक की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के महोद्दीपुर निवासी फैज अनवर उर्फ बिहार के रूप में की गई. जो असलम मियां का 18 वर्षीय से पुत्र बताया जा रहा है. घटना के संबंध में जेल अधीक्षक देवाशीष कुमार सिन्हा ने बताया कि 31 जुलाई को न्यायालय से रिमांड होकर जेल आया था. बंदी को कारा अस्पताल में भर्ती कर कारा चिकित्सक द्वारा इलाज किया जा रहा था. शनिवार की सुबह उक्त बंदी कारा अस्पताल से निकल कर परित्यक्त घोषित वार्ड 5 से 8 के पास स्थित पीपल के पेड़ से लटक कर रस्सी के सहारे आत्महत्या का प्रयास किया. उसे बंदियों एवं कर्मियों के सहयोग से नीचे उतारकर अविलंब इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया. जहां चिकित्सक द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया गया. परिजनों का आरोप है कि फैज को जेल प्रशासन के द्वारा गला दबाकर हत्या की गई है. इसके बाद उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया और इसकी सूचना परिजनों को दी गई .परिजन जैसे ही सदर अस्पताल पहुंचे और दहाड़ मारकर रोने लगे. जिसके बाद परिजन आक्रोशित होकर जमकर हंगामा किया और शव को सदर अस्पताल के सामने सड़क पर रखकर तकरीबन दो घंटे तक प्रदर्शन किया. इसके बाद वरीय पदाधिकारी के समझाने के बाद मामला शांत हुआ. अब पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. फैज से जेल में मिलने गए थे उसके मित्र बताया जाता हैं कि फैज से मिलने के लिए उसके मित्र जेल गए हुए थे. अभी वह फैज से मिलने ही वाले थे कि वहां एम्बुलेंस लगी थी. तभी किसी ने कहा कि फैज की तबीयत खराब है वह अस्पताल जा रहा हैं. एम्बुलेंस के पीछे उसके मित्र सदर अस्पताल में पहुंचे और देखा कि फैज की मौत हो गई हैं. रुक रुक कर करते रहे सड़क जाम मोहद्दीपुर के आक्रोशित ग्रामीणों ने फैज के मौत के बाद सदर अस्पताल के सामने सड़क जाम किया फिर लोगों के समझाने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगे. हालांकि कुछ युवकों के कहने के बाद फिर उन्होंने शव सड़क पर रख दिया और जमकर प्रदर्शन किया. वरीय पदाधिकारियों के समझने के बाद कुछ देर के लिए मामला शांत हुआ हालांकि फिर परिजन सड़क पर सड़क रखकर प्रदर्शन करने लगे.यह मामला तकरीबन दो घंटे तक चलता रहा. जहां सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गयी. चार भाइयों में दूसरा नंबर था मृतक स्थानीय लोगों के मुताबिक मृतक चार भाइयों में दूसरा नंबर था .जो परिवार का पालन पोषण के लिए मजदूरी का काम करता था. हालांकि पूर्व में उसके ऊपर मुकदमा दर्ज होने के बाद वह कोर्ट में ससमय उपस्थित नहीं हुआ था. जिसके बाद उसे गिरफ्तारी के लिए वारंट निकला हुआ था. जहां पुलिस ने उसे 31 जुलाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दी थी. पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया पटना बंदी का पोस्टमार्टम कराने को लेकर जेल प्रशासन द्वारा मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट बनाई गई. जेल प्रशासन व स्थानीय थाना बंदी के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए शव को लेकर पीएमसीएच लेकर चली गई. बोले थानाध्यक्ष मामले में मुफस्सिल थानाध्यक्ष अशोक कुमार दास ने बताया कि अब तक आवेदन नहीं मिला है. आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी. बोले जेल अधीक्षक जेल अधीक्षक देवाशीष कुमार सिन्हा ने बताया कि बंदी अचानक कारा अस्पताल से निकलकर पीपल के पेड़ में फंदा से लटक गया. जिसे अस्पताल भेजा गया जहां उसकी मौत हो गई.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DEEPAK MISHRA

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DEEPAK MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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