नाबालिग बेखौफ चला रहे हैं इ रिक्शा

Updated at : 10 Dec 2024 9:58 PM (IST)
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नाबालिग बेखौफ चला रहे हैं इ रिक्शा

शहर में बिना रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और ड्राइविंग लाइसेंस के चलने वाले इ -रिक्शा के कारण न सिर्फ जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है.बल्कि इससे कानून व्यवस्था की नयी समस्या भी खड़ी हो रही है.अधिकतर इ-रिक्शा चलाने वालों के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है. इ-रिक्शा के कारण होने वाली दुर्घटना में कोई जख्मी होता है या किसी की जान जाती है तो पीड़ित परिवार को कौन बीमा कंपनी सहायता राशि उपलब्ध कराएगी यह अहम सवाल है.

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संवाददाता, सीवान. शहर में बिना रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और ड्राइविंग लाइसेंस के चलने वाले इ -रिक्शा के कारण न सिर्फ जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है.बल्कि इससे कानून व्यवस्था की नयी समस्या भी खड़ी हो रही है.अधिकतर इ-रिक्शा चलाने वालों के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है. इ-रिक्शा के कारण होने वाली दुर्घटना में कोई जख्मी होता है या किसी की जान जाती है तो पीड़ित परिवार को कौन बीमा कंपनी सहायता राशि उपलब्ध कराएगी यह अहम सवाल है. बिना रजिस्ट्रेशन के चलने वाले मोटर वाहन की वजह से कोई आपराधिक वारदात होती है तो वाहन और उसके चालक की पहचान कैसे हो पायेगी. जिले में ट्रैफिक की व्यवस्था बेहतर बनाने में जुटे पुलिस पदाधिकारी द्वारा अभी तक बेतरतीब ढंग से बढ़ रही संख्या पर नियंत्रण के ठोस इंतजाम नहीं किया गया है. शहर में करीब छह सौ इ-रिक्शा रजिस्टर्ड हैं जबकि इससे कई गुणा अधिक बिना रजिस्ट्रेशन के वाहन शहर की सड़कों पर चल रहे हैं. शहर में लगने वाले भीषण जाम और आये दिन होने वाली छोटी-मोटी दुर्घटना का बड़ा कारण ई रिक्शा को माना जा रहा है. नाबालिग और अनुभवहीन चालक इ रिक्शा चला रहे हैं. अचानक बीच सड़क पर यू टर्न लेना, क्षमता से अधिक लोडिंग अक्सर दुर्घटना के कारण बन रहे हैं. मात्र 691 इ-रिक्शा निबंधित, पर इससे बहुत ज्यादा चल रहे परिवहन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरे जिले में मात्र 691 इ रिक्शा निबंधित हैं. विभाग के अनुसार निबंधन की प्रक्रिया बेहद ही आसान है और इ रिक्शा के कुल कीमत के साढ़े चार प्रतिशत शुल्क पर 15 वर्ष के लिए निबंधन कर लिया जाता है. पिता के नाम पर गाड़ी, चला रहा नाबालिग बेटा इ रिक्शा चला रहे एक नाबालिग ने बताया कि गाड़ी उसके पिताजी के नाम पर है. लेकिन हम भी चलाते हैं. यह तो मात्र एक बानगी है. सच यह है कि इस पेशे में अधिकांश नाबालिग आ रहे हैं. कई तो नशीली दवा के आदी होते हैं. राहगीर के साथ इनका व्यवहार भी आक्रामक होता है.इ रिक्शा के परिचालन में बेतहाशा वृद्धि के कारण विभिन्न चौक-चौराहों पर अक्सर भीषण जाम लगता है. यातायात थानाध्यक्ष अभय नंदन ने बताया कि सड़कों पर इ रिक्शा परिचालन में भारी इजाफा हुआ है. जिसमें बिना निबंधन वाले इ रिक्शा और नाबालिगों द्वारा इ रिक्शा परिचालन की भी शिकायत है. उन्होंने कहा कि इसके लिए हमलोग लगातार स्पेशल ड्राइव चला रहे हैं और बिना निबंधन वाले ई रिक्शा पर पांच हजार का व नाबालिग चालक रहने पर 25 हजार तक जुर्माना करते हैं. जांच अभियान 1 लाख 15 हजार का किया गया जुर्माना यातायात थानाध्यक्ष ने बताया कि मंगलवार को शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर जांच अभियान चलाया गया. जिसमें 20 बाइक और 33 इ-रिक्शा से एक लाख 15 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया. यह जांच अभियान जारी रहेगा.

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