siwan news : सीवान. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले लाभुकों के इ-केवाइसी कार्य में लगातार हो रही लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन अब सख्त रुख अपनाने के मूड में है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी सीमा कुमारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिले के सभी प्रखंडों में 15 फरवरी तक शत-प्रतिशत इ-केवाइसी कार्य हर हाल में पूरा किया जाये. ऐसा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी. उधर हाल यह है कि राज्य में सीवान जिला इ केवाइसी कराने में अंतिम पायदान पर है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि विभागीय पत्रों, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तथा जिला स्तर पर आयोजित बैठकों के माध्यम से पहले ही सभी अधिकारियों को इ-केवाइसी कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया जा चुका है. आठ जनवरी को विभागीय स्तर से हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भी स्पष्ट रूप से कहा गया था कि 15 फरवरी तक सभी पात्र लाभुकों का इ-केवाइसी अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाये. इसके बाद जिला स्तर से सभी पणन पदाधिकारियों और आपूर्ति निरीक्षकों को इस कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया. इसके बावजूद जिले के कई प्रखंडों में अपेक्षित प्रगति नहीं देखी जा रही है. ऑनलाइन प्राप्त इ-केवाइसी की दैनिक रिपोर्ट के अवलोकन में पाया गया कि नवतन, लकड़ी नवीगंज, आंदर, बसंतपुर, मैरवा, रघुनाथपुर, सिसवन, भगवानपुर हाट, दरौली, जीरादेई, महाराजगंज, दरौंदा एवं हुसैनगंज प्रखंडों में प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 500 लाभुकों का इ-केवाइसी पूरा नहीं किया गया. जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने चिंता जताते हुए बताया कि रिपोर्ट के अनुसार पूरे राज्य में इ-केवाइसी का औसत प्रतिशत 80.90 है, जबकि जिले का औसत केवल 77.47 प्रतिशत ही है. इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि जिले के सभी प्रखंडों का इ-केवाइसी प्रतिशत राज्य के औसत से कम है. यही कारण है कि जिला पूरे बिहार में इ-केवाइसी कार्य में 38वें स्थान पर पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि जिले का रैंक इतना नीचे होने के बावजूद कई प्रखंडों में न तो दैनिक लक्ष्य के अनुरूप काम किया जा रहा है और न ही इस दिशा में गंभीर प्रयास दिख रहे हैं. जिला और विभागीय स्तर से लगातार निगरानी किये जाने तथा बार-बार निर्देश दिये जाने के बावजूद संबंधित पणन पदाधिकारी और आपूर्ति निरीक्षक अपेक्षित प्रगति नहीं ला पा रहे हैं. यह स्थिति विभागीय दायित्वों और उच्चाधिकारियों के आदेशों की खुली अवहेलना मानी जायेगी. जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा है कि सभी अधिकारी इ-केवाइसी कार्य को गंभीरता से लें और 15 फरवरी तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना सुनिश्चित करें. यदि इसके बाद भी किसी प्रखंड में दैनिक लक्ष्य के अनुसार इ-केवाइसी पूरा नहीं पाया गया, तो वहां के संबंधित पणन पदाधिकारी या आपूर्ति निरीक्षक का वेतन स्थगित किया जायेगा. साथ ही विभागीय निर्देशों के पालन में लापरवाही बरतने के आरोप में उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा भी कर दी जायेगी. यह भी स्पष्ट किया है कि इ-केवाइसी का कार्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जरूरतमंद लाभुकों को सही समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने से जुड़ा अहम कार्य है. इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
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