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पायलट प्रोजेक्ट के लिए गुठनी का चयन

Updated at : 04 May 2025 9:24 PM (IST)
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पायलट प्रोजेक्ट के लिए गुठनी का चयन

मध्याह्न भोजन योजना की पायलट प्रोजेक्ट के तहत गुठनी प्रखंड का चयन एमडीएम योजना निदेशालय द्वारा किया गया है. पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रखंड के सभी 87 विद्यालयों में प्रधानाध्यापक की जगह अब सहायक शिक्षक एमडीएम का संचालन करेंगे. निदेशालय द्वारा सूची जारी करने के बाद सबकी नजर इस प्रोजेक्ट पर टिक गयी है. पायलट प्रोजेक्ट की शुरूआत 13 मई होगी जो 13 जून तक चलेगा. प्रोजेक्ट सफल रहा तो इसे जिले के अन्य प्रखंडों में भी लागू किया जायेगा.

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प्रतिनिधि, सीवान. मध्याह्न भोजन योजना की पायलट प्रोजेक्ट के तहत गुठनी प्रखंड का चयन एमडीएम योजना निदेशालय द्वारा किया गया है. पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रखंड के सभी 87 विद्यालयों में प्रधानाध्यापक की जगह अब सहायक शिक्षक एमडीएम का संचालन करेंगे. निदेशालय द्वारा सूची जारी करने के बाद सबकी नजर इस प्रोजेक्ट पर टिक गयी है. पायलट प्रोजेक्ट की शुरूआत 13 मई होगी जो 13 जून तक चलेगा. प्रोजेक्ट सफल रहा तो इसे जिले के अन्य प्रखंडों में भी लागू किया जायेगा. शिक्षा विभाग ने सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के सफल संचालन के लिए प्रधान शिक्षक के स्थान पर किसी अन्य शिक्षक को जिम्मेवारी सौंपने का निर्णय लिया है. ऐसे में अब प्रधान शिक्षकों का मुख्य कार्य विद्यालय के शैक्षणिक गतिविधियों के सफल संचालन का होगा. इस संबंध में सभी जिलों को पत्र भेजा गया है. डीपीओ एमडीएम जय कुमार ने बताया कि प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना के संचालन से एचएम को मुक्त करना है. डीपीओ ने बताया कि विभागीय प्रावधान के अनुसार बैंक खाता खुलवाने का आदेश एमडीएम बीआरपी को दिया गया है. डीपीओ ने बताया कि योजना की सफल संचालन के लिए मध्याह्न भोजन योजना प्रभारी शिक्षक का चयन मुख्यालय स्तर से इ-शिक्षाकोष के माध्यम से किया जायेगा. चयनित शिक्षक का मूल कार्य मध्याह्न भोजन का सफल संचालन कराना ही होगा. वे प्रत्येक दिन केवल तीन घंटी अध्ययन-अध्यापन का कार्य करेंगे. विद्यालय शिक्षा समिति के सचिव व नामित मध्याह्न भोजन प्रभारी द्वारा बैंक खाता का संचालन किया जायेगा. एमडीएम प्रभारी की होगी कई अहम जिम्मेदारी- डीपीओ जय कुमार ने बताया कि एमडीएम के प्रभारी शिक्षक की अब कई अहम जवाबदेही व जिम्मेदारी दी गयी है. विद्यालय शुरू होने के एक घंटे बाद बच्चों की उपस्थिति का फोटोग्राफ लेंगे तथा बच्चों की संख्या के अनुरूप एमडीएम बनाये जाने के लिए खाद्यान्न एवं अन्य सामग्री रसोइया को देंगे. साथ ही एमडीएम की तैयारी का अनुश्रवण भी करेंगे. बोले अधिकारी एमडीएम योजना की पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिले के गुठनी प्रखंड का चयन निदेशालय स्तर से हुआ है. प्रखंड के सभी 87 प्रारंभिक विद्यालयों में 13 मई से 13 जून तक एचएम की जगह सहायक शिक्षक एमडीएम का संचालन करेंगे. एचएम की जिम्मेदारी अब शिक्षा के गुणवत्ता को और बेहतर करना होगा. जय कुमार, डीपीओ, एमडीएम, सीवान इंसेट- प्रारंभिक विद्यालयों में 14688 बच्चे नामांकित गुठनी प्रखंड के सभी 87 प्रारंभिक विद्यालयों में 14688 बच्चे नामांकित है. इसमें प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की संख्या 9006 तथा मध्य विद्यालय में नामांकित बच्चों की संख्या 5682 है. गुठनी प्रखंड के बीआरपी एमडीएम कन्हैया कुमार ने बताया कि मार्च में 153372 बच्चों ने एमडीएम खाया था. जिसमें प्राथमिक विद्यालय में 93344 तथा माध्य विद्यालय में बच्चों की संख्या 60028 रही. खर्च की बात करें तो 12 लाख 17 हजार 974 रूपये 48 पैसा खर्च हुआ था. जिसमें प्राथमिक में 577799.36 रूपये तथा मध्य में 557660.12 रूपये का बच्चों ने एमडीएम खाया था. वहीं फल व अंडा पर 82 हजार 515 रूपये का खर्च आया था. बीआरपी कन्हैया कुमार ने बताया कि औसत विद्यालयों में 70 से 75 फीसदी बच्चों की उपस्थिति के आधार पर एमडीएम बनता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DEEPAK MISHRA

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