अब रात में उठेगा शहरी क्षेत्र के बाजार का कचरा

जिले के शहरी इलाकों में सफाई व्यवस्था को नया रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है. अब नगर क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को पूरी तरह प्रभावी बनाया जाएगा और हर घर से कचरा उठाने की व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाएगा. इसके साथ ही कचरे को गीला और सूखा के रूप में अलग-अलग करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा
प्रतिनिधि,सीवान.जिले के शहरी इलाकों में सफाई व्यवस्था को नया रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है. अब नगर क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को पूरी तरह प्रभावी बनाया जाएगा और हर घर से कचरा उठाने की व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाएगा. इसके साथ ही कचरे को गीला और सूखा के रूप में अलग-अलग करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा नयी व्यवस्था के तहत नगर क्षेत्रों में शत-प्रतिशत कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने की योजना बनाई जा रही है. बाजार और व्यावसायिक क्षेत्रों में दिन के बजाय रात के समय कचरा उठाव कराया जाएगा ताकि दिन में दुकानदारों और आम लोगों को गंदगी और बदबू की समस्या का सामना न करना पड़े. संकरी गलियों में कचरा संग्रहण के लिए इ-रिक्शा, साइकिल रिक्शा और छोटे वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा. नगर निकायों को अपने संसाधनों का आकलन कर जरूरत के अनुसार अतिरिक्त वाहन जल्द खरीदने की भी तैयारी करने को कहा गया है.कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए कम्पोस्ट प्लांट और प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की दिशा में भी पहल तेज हो गई है. इन प्लांटों के जरिए गीले कचरे से जैविक खाद तैयार की जाएगी. नगर निकायों को जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है.अनुमान है कि एक प्लांट के लिए करीब तीन से चार एकड़ जमीन की जरूरत होगी. होल्डिंग टैक्स के साथ वाटर यूजर चार्ज को जोड़ा जाएगा शहरों में पेयजल व्यवस्था को भी बेहतर बनाने की कवायद शुरू की गई है.जिन वार्डों में नियमित जलापूर्ति हो रही है, वहां होल्डिंग टैक्स के साथ वाटर यूजर चार्ज को जोड़ा जाएगा. वहीं जिन वार्डों में पानी की समस्या बनी हुई है.वहां तकनीकी कारणों की पहचान कर मरम्मत और सुधार कार्य शुरू करने की योजना है. इसके लिए जरूरी मरम्मत कार्यों का आकलन कर समय सीमा के भीतर वर्क ऑर्डर जारी करने की तैयारी की जा रही है ताकि लोगों को नियमित पानी मिल सके.बरसात के समय होने वाले जलजमाव से निबटने के लिए नालों की नियमित सफाई और डी-सिल्टिंग पर भी जोर दिया गया है. हर नगर निकाय को अपने क्षेत्र में पानी के अंतिम निकास स्थान यानी आउटफॉल को चिह्नित करना होगा ताकि पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके.भविष्य में नाला निर्माण कार्य वैज्ञानिक तरीके से और सही ढाल के आधार पर किया जाएगा. इसके लिए जरूरत पड़ने पर ड्रोन सर्वे, डिजिटल एलिवेशन सर्वे या आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा सकता है.इसके साथ ही बाजारों में सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए दुकानदारों को अपनी दुकान के सामने डस्टबिन रखने और कचरा उसी में डालने की व्यवस्था लागू करने की भी तैयारी है. सड़क की चौड़ाई के अनुसार स्ट्रीट लाइट लगाने पर जोर दिया जाएगा शहरों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को भी नए सिरे से व्यवस्थित करने की योजना बनाई गई है. बिजली की बचत और बेहतर रोशनी के लिए सड़क की चौड़ाई के अनुसार एलइडी स्ट्रीट लाइट लगाने पर जोर दिया जाएगा. छोटी सड़कों पर कम क्षमता और चौड़ी सड़कों पर अधिक क्षमता वाली एलइडी लाइट लगाई जाएंगी. नगर निकायों में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया जा रहा है. इसके तहत जेसीबी, ट्रैक्टर, मोबाइल टॉयलेट और जरूरत के अनुसार पानी के टैंकर उपलब्ध कराने की योजना है. जिससे सफाई अभियान और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को तेजी से पूरा किया जा सके.शहरी कचरा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए इस क्षेत्र में काम करने वाले निजी उद्यमियों को भी जोड़ने की पहल की जा रही है.अपशिष्ट प्रसंस्करण से जुड़े व्यवसायियों को चिन्हित कर उनसे सहयोग लिया जाएगा ताकि कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया को और व्यवस्थित तथा उपयोगी बनाया जा सके. बोले डीएम शहरों की साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिकता है. नगर निकायों को निर्देश दिया गया है कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को पूरी तरह लागू किया जाए और गीला व सूखा कचरा अलग करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. बाजारों में रात के समय कचरा उठाव कराया जाएगा बनाया जाएगा. विवेक रंजन मैत्रेय, डीएम सीवान
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