प्रतिनिधि, सीवान. नगर परिषद सीवान में योजनाओं के क्रियान्वयन के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. फर्जी कार्यादेश जारी किए जाने के गंभीर आरोपों के बीच नगर परिषद के कनीय अभियंता सहित तीन कर्मियों पर महादेवा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. इस कार्रवाई से नगर परिषद में हड़कंप मच गया है और मामला जिले भर में चर्चा का विषय बन गया है. मामले में सिटी मैनेजर बालेश्वर राय द्वारा महादेवा थाना में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार नगर परिषद की कुल 76 योजनाओं से जुड़े कार्यादेशों में भारी अनियमितता पाई गई है. निलंबित पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव ने 30 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी को दिए गए आवेदन में इसका खुलासा किया था. अपने आवेदन में उन्होंने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था कि 4 अक्टूबर 2025 को जारी किए गए 76 कार्यादेशों में से अधिकांश फर्जी हैं, जबकि मात्र 10 से 15 कार्यादेश ही वैध है.पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी के इस खुलासे को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए थे. जांच के क्रम में प्रथम दृष्टया अनियमितता की पुष्टि होने के बाद सिटी मैनेजर को प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया. इसके आलोक में नगर परिषद के कनीय अभियंता ओम प्रकाश सुमन, तत्कालीन कार्यपालक सहायक रंजीत कुमार शर्मा तथा योजना प्रभारी विजय कुमार पासवान के विरुद्ध महादेवा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि संबंधित कर्मियों द्वारा विभागीय प्रक्रिया और नियमों को दरकिनार कर योजनाओं के फर्जी कार्यादेश तैयार किए गए. जिससे सरकारी योजनाओं और राजस्व को गंभीर क्षति पहुंचने की आशंका है. प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते यह मामला उजागर नहीं होता, तो नगर परिषद में करोड़ों रुपये के घोटाले की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता था.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

