सीवान के मैरवा अस्पताल में किन्नरों का हंगामा, रेबीज इंजेक्शन के लिए 5 हजार रुपये मांगने का आरोप

Bihar News: सिवान के मैरवा रेफरल अस्पताल में किन्नरों ने जमकर हंगामा किया है. आरोप है कि रेबीज इंजेक्शन के लिए आधार कार्ड नहीं देने पर स्टाफ ने 5000 रुपये की मांग की. किन्नरों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में बिना आधार कार्ड इलाज क्यों नहीं हो सकता?
Bihar News: सीवान जिले के मैरवा रेफरल अस्पताल में शुक्रवार को उस वक्त हंगामा मच गया जब किन्नरों की एक टोली रेबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंची. आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ ने आधार कार्ड न होने पर 5000 रुपये की मांग कर दी, जिससे किन्नरों ने नाराज होकर जमकर बवाल काटा.
मिली जानकारी के मुताबिक, बिल्ली के काटने के बाद किन्नर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन जब उन्होंने काउंटर पर इंजेक्शन के लिए आवेदन किया, तो स्टाफ ने आधार कार्ड मांगा. किन्नरों का आरोप है कि आधार कार्ड न देने पर उनसे पैसे मांगे गए, जिसके बाद उन्होंने विरोध शुरू कर दिया.
अस्पताल प्रशासन ने किया इनकार
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि डॉग बाइट के मरीजों को रेबीज का इंजेक्शन देने के लिए आधार कार्ड जरूरी होता है. वहीं, किन्नरों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में बिना आधार कार्ड इलाज क्यों नहीं हो सकता? इस घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और स्टाफ तथा किन्नरों के बीच तीखी बहस हो गई. किन्नरों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उनसे जबरन पैसे मांगे गए, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि नियमानुसार आधार कार्ड जरूरी होता है.
अब इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं. क्या सरकारी अस्पताल में बिना आधार कार्ड के मरीजों को इलाज नहीं मिलेगा? इस घटना ने व्यवस्था पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है.
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By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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