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धान मिलिंग की धीमी गति पर प्रशासन सख्त

Updated at : 06 Jun 2025 9:39 PM (IST)
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धान मिलिंग की धीमी गति पर प्रशासन सख्त

जिले में धान मिलिंग की धीमी रफ्तार पर लगाम कसने के लिए प्रशासन अब सख्त एक्शन के मूड में आ गया है. शुक्रवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय जांच टीमों ने सात राइस मिलों पर औचक निरीक्षण किया और अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी. जांच के दौरान संबंधित मिलों की कार्यप्रणाली, धान की मिलिंग की प्रगति तथा चावल की आपूर्ति की स्थिति का मूल्यांकन किया गया.

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प्रतिनिधि, सीवान. जिले में धान मिलिंग की धीमी रफ्तार पर लगाम कसने के लिए प्रशासन अब सख्त एक्शन के मूड में आ गया है. शुक्रवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय जांच टीमों ने सात राइस मिलों पर औचक निरीक्षण किया और अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी. जांच के दौरान संबंधित मिलों की कार्यप्रणाली, धान की मिलिंग की प्रगति तथा चावल की आपूर्ति की स्थिति का मूल्यांकन किया गया. प्रत्येक टीम में दो-दो पदाधिकारियों को शामिल किया गया था. सभी टीम शुक्रवार सुबह से ही मिलिंग स्थलों पर पहुंच गईं. जिससे मिल संचालकों और पैक्स अध्यक्षों के बीच हड़कंप मच गया. बताया गया कि जिले में अब तक 13,632 किसानों से कुल 97,337 टन धान की खरीद की जा चुकी है. जिसमें से बिहार राज्य खाद्य निगम को 66,189 टन चावल उपलब्ध कराना था. परंतु अब तक केवल 43,210 टन चावल की आपूर्ति हो पाई है. शेष बचे 22,979 टन चावल की आपूर्ति की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित है. इस लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए जिलाधिकारी ने जांच का निर्णय लिया था. टास्क फोर्स की बैठक में यह तथ्य सामने आया था कि कई उसना राइस मिल लक्ष्य से काफी कम चावल बिहार राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध करा रहे हैं. इस लापरवाही के आलोक में डीएम ने संबंधित मिलों की जांच के आदेश दिये थे.टीम ने सिसवन प्रखंड के सिसवा कला स्थित देव राइस मिल प्राइवेट लिमिटेड, महाराजगंज के पिपरा स्थित किसान राइस मिल, दरौंदा प्रखंड के कोल्हुआ स्थित कोल्हुआ इंडस्ट्रीज, पचरुखी प्रखंड के अलापुर स्थित प्रभु एग्रोटेक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, अलापुर स्थित समृद्धि राइस मिल, हुसैनगंज प्रखंड के हसनपुरवा टोले रामपुर स्थित सिंह राइस मिल और आंदर प्रखंड के खरदरा स्थित नवदुर्गा राइस मिल की जांच की है. जांच के दौरान टीमों ने राइस मिलों में संग्रहित धान की मात्रा, मिलिंग की प्रगति, एसएफसी को भेजे गए चावल की गुणवत्ता और तौल प्रक्रिया की भी जांच की. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट के आधार पर जो भी मिल निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप काम नहीं कर रही है.उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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