कमजोर नवजात के लिए संजीवनी साबित हो रहा कंगारू मदर केयर
Updated at : 20 Nov 2019 4:26 AM (IST)
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सीवान : नवजात को अधिक ठंड या गर्मी के कारण स्वास्थ्य जटिलताएं बढ़ने का ख़तरा रहता है. जिसे चिकित्सकीय भाषा में हाइपोथर्मिया कहा जाता है. सही समय पर हाइपोथर्मिया के प्रबंधन नहीं किये जाने पर नवजात की जान भी जा सकती है. लेकिन इस गंभीर समस्या का निदान आसानी से घर पर भी किया जा […]
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सीवान : नवजात को अधिक ठंड या गर्मी के कारण स्वास्थ्य जटिलताएं बढ़ने का ख़तरा रहता है. जिसे चिकित्सकीय भाषा में हाइपोथर्मिया कहा जाता है. सही समय पर हाइपोथर्मिया के प्रबंधन नहीं किये जाने पर नवजात की जान भी जा सकती है.
लेकिन इस गंभीर समस्या का निदान आसानी से घर पर भी किया जा सकता है. जिसके लिए ‘कंगारू मदर केयर’(केएमसी) काफ़ी असरदार साबित हो सकता है. ‘कंगारू मदर केयर’ के तहत मां या घर का कोई भी सदस्य नवजात को अपनी छाती से चिपकाकर नवजात को शरीर की गर्मी प्रदान करते हैं. इससे नवजात को हाइपोथर्मिया से उबरने में सहायता मिलती है.
केएमसी के फायदे
केएमसी देने से मां की कन्हर(प्लेसेंटा)जल्दी बाहर आ जाता है
बच्चे को सीने से लगाने से मां का दूध जल्दी उतरता है
केएमसी से नवजात शिशु को क्या फायदा होगा
नवजात शिशु स्वयं को सुरक्षित महसूस करता है
शिशु का वजन बढ़ता है और शारीरिक विकास बेहतर हो जाता है
मां एवं बच्चे के बीच मानसिक एवं भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता है
हाइपोथर्मिया से बच्चों को सुरक्षित रखने में बेहद कारगर
शरीर की ऊष्मा से नवजात को मिल सकता है जीवनदान
‘कंगारू मदर केयर’ के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
मां के साथ घर का कोई भी सदस्य प्रदान कर सकता है. केयर प्रदान करने वाले व्यक्ति को केएमसी से पूर्व हर बार अपने छाती को साफ़ करना जरुरी है
नवजात के मुंह को छाती के मध्य स्तनों के बीच लिटाएं एवं यह सुनिश्चित करें कि उसका शरीर केएमसी. देने वाले के पेट से चिपका हो
नवजात के शरीर पर टोपी, हाथों और पैरों में दस्ताने व पैरों में मोज़े व लंगोटी के अलावा शरीर पर कोई वस्त्र न हो
बच्चे का सर इस प्रकार से ढंका जाये कि उसे सांस लेने में कठिनाई ना हो
केएमसी देने वाला व्यक्ति ऊपर से मौसम के अनुसार कोई कपड़ा अवश्य ढंक ले
2 किलोग्राम से कम वजन के बच्चों के लिए आवश्यक
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी बाल स्वास्थ्य डॉ. वीपी राय ने बताया 2 किलोग्राम से कम वजन के बच्चों को कमजोर नवजात की श्रेणी में रखा जाता है. जिन्हें सघन देखभाल की जरूरत होती है. कमजोर बच्चों के उचित देखभाल के लिए जिले में ‘ कमजोर नवजात देखभाल’ कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है.
इस कार्यक्रम के तहत आशा एवं एनएनएम चिह्नित कमजोर नवजातों को उनके घर पर ही विशेष देखभाल प्रदान करती है. कमजोर नवजातों के उचित देखभाल की कड़ी में ‘कंगारू मदर केयर’ काफ़ी असरदार प्रक्रिया होती है.
बोले सिविल सर्जन
जिले में नवजात शिशु देखभाल सप्ताह चलायी जा रही है. इसके अंतर्गत कई गतिविधियों का आयोजन हो रहा है. नवजातों के देखभाल के लिए सभी सरकारी अस्पतालों कंगारू मदर केयर की शुरूआत की गयी है.
डॉ. आशेष कुमार, सिविल सर्जन, सीवान
इसलिए जरुरी है कंगारू मदर केयर : डबल्यूएचओ के अनुसार, जन्म के समय 2 किलोग्राम या उससे कम वजन वाले नवजात शिशुओं को निरंतर रूप से कंगारू मदर केयर प्रदान किया जाना चाहिए. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल में ही प्रतिवर्ष सबसे अधिक अपरिपक्व जन्म वाले 10 देशों की सूची जारी की है.
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