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छह क्रिटिकल प्रखंडों में नलकूप लगाने पर लगा प्रतिबंध

Updated at : 25 Jul 2019 12:53 AM (IST)
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छह क्रिटिकल प्रखंडों में नलकूप लगाने पर लगा प्रतिबंध

विवेक कुमार सिंह, सीवान : जिले में भूगर्भीय जल स्तर लगातार गिरने की सूचना के बाद लघु जल संसाधन विभाग ने छह क्रिटिकल प्रखंडों में नलकूप लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया है. इन प्रखंडों में अब किसान निजी नलकूप नहीं लगा सकते हैं. सरकार का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. इसके […]

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विवेक कुमार सिंह, सीवान : जिले में भूगर्भीय जल स्तर लगातार गिरने की सूचना के बाद लघु जल संसाधन विभाग ने छह क्रिटिकल प्रखंडों में नलकूप लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया है. इन प्रखंडों में अब किसान निजी नलकूप नहीं लगा सकते हैं. सरकार का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. इसके बाद से विभाग के द्वारा लगातार चिह्नित प्रखंड क्षेत्रों में नजर रखी जा रही है. सीवान के अलावा गोपालगंज व छपरा के भी 13 प्रखंड भी शामिल हैं.

यहां पर सिंचाई के लिए निजी या सरकारी किसी भी तरह के नये नलकूप लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. केंद्रीय भू-गर्भ जल बोर्ड के निर्देश पर लघु जल संसाधन विभाग ने यह निर्णय लिया है. इन प्रखंडों में सिंचाई के लिए कोई नया नलकूप नहीं लगाया जायेगा.
सिंचाई के लिए अन्य प्राकृतिक जलस्रोत पर ही निर्भर रहना पड़ेगा. जिन प्रखंडों में नलकूप लगाने में सीवान जिले में प्रतिबंध लगाया गया है. उसमें बसंतपुर, दरौंदा, गुठनी, हुसैनगंज, जीरादेई व सिसवन शामिल हैं. इसी तरह गोपालगंज जिले के बरौली, विजयीपुर, भोर, हथुआ, कटेया, मांझा, पंचदेवरी, थावे व उचकागांव और सारण जिले के गड़खा, लहलादपुर, मांझी व नगरा शामिल हैं.
जागरूक करने का कार्यपालक अभियंता को मिला है निर्देश
लघु जल संसाधन विभाग के अपर सचिव ने पीएचइडी व विभाग के सभी कार्यपालक अभियंता को यह निर्देश दिया है कि सीवान के छह प्रखंडों में नलकूप नहीं लगाया जाना है. इनके यहां जलसंकट है. जल स्तर गिरने से चापाकल भी बंद होने की अाशंका जतायी गयी है.
उन्होंने कहा है कि प्रखंडों को जल स्तर के लिहाज से क्रिटिकल, सेमी क्रिटिकल व ओवर एक्सप्लॉयटेड प्रखंड की श्रेणी में बांटा गया है. इन प्रखंडों में भूगर्भ जल स्तर इतना नीचे चला गया है कि लोगों को पीने का पानी भी नहीं मिल रहा है.
ऐसी स्थिति में केंद्रीय भूगर्भ जल बोर्ड ने इन प्रखंडों में नया निजी या सरकारी नलकूप न लगाने को कहा है. अपर सचिव ने अब कार्यपालक अभियंता को किसानों को इस बात के लिए जागरूक करने का निर्देश दिया है विभाग को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि इन जलसंकट वाले प्रखंडों में कोई नया निजी या सरकारी नलकूप सिंचाई के लिए न लगाया जाये.
बोले अधिकारी
जिले के छह प्रखंडों में नलकूप लगाने पर विभाग की तरफ से प्रतिबंध लगा दिया गया है. इनमें बसंतपुर, गुठनी, दरौंदा, सिसवन, हुसैनगंज और जीरादेई शामिल हैं. सिंचाई के लिए किसानों को वैकल्पिक व्यवस्था करायी जायेगी.
गिरीधारी, सहायक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग, सीवान
पीएचइडी ने बनाया है एक्शन प्लान
जल संकट से उबार के लिए पीएचइडी ने एक्शन प्लान बनाया है. इसके तहत चिह्नित गांवों में चापाकल भी आपदा प्रबंधन के तहत लगाये जा रहे हैं. इसके अलावा जो भी चापाकल खराब हैं उनकी भी मरम्मत की जा रही है. इधर बारिश होने से जल स्तर में कुछ सुधार भी हुआ है. गत माह गोरेयाकोठी प्रखंड के सरारी गांव में हुए जलसंकट के दौरान इंडिया मार्क के चापाकल लगाये गये थे. इसके बाद से जलसंकट की समस्या से निजात मिली थी. इसके बाद से पूरा ध्यान इसी समस्या पर रखा जा रहा है.
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