शव जलाने के लिए हत्यारोपित के दरवाजे पर जा रहे थे परिजन

Updated at : 30 Jan 2019 6:18 AM (IST)
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शव जलाने के लिए हत्यारोपित के दरवाजे पर जा रहे थे परिजन

सूचना पर पहुंचे सांसद व पूर्व मंत्री ने प्रशासन के सहयोग से मामले को सुलझाया सीवान : मुफस्सिल थाना क्षेत्र के देवपाली गांव निवासी रघुनाथ चौधरी के पुत्र रामज्ञानी चौधरी की मौत इलाज के दौरान पटना होने के बाद शव जैसे ही गांव पहुंचा की परिजन शव जलाने के लिए हत्यारोपित के दरवाजे पर जा […]

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सूचना पर पहुंचे सांसद व पूर्व मंत्री ने प्रशासन के सहयोग से मामले को सुलझाया

सीवान : मुफस्सिल थाना क्षेत्र के देवपाली गांव निवासी रघुनाथ चौधरी के पुत्र रामज्ञानी चौधरी की मौत इलाज के दौरान पटना होने के बाद शव जैसे ही गांव पहुंचा की परिजन शव जलाने के लिए हत्यारोपित के दरवाजे पर जा रहे थे तभी इसकी सूचना मिलने पर पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने समझा बुझाकर मामला को शांत कराया. जिसके बाद गांव में ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया.
इस दौरान घटना की जानकारी मिलने पर सांसद ओमप्रकाश यादव, पूर्व मंत्री अवध बिहारी चौधरी व श्रीनिवास यादव पहुंचे थे. इनलोगों के प्रयास से ही परिजन शांत हुए. शव पहुंचने पर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर परिजनों को शांत कराया. परिजनों के मांग पर जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग किया कि मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास बनाया जाये और मुआवजे की राशि भी मुहैया करायी जाये. जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मिले आश्वासन पर लेाग शांत हुए. इधर घर से रोने की आवाज से पूरा महौल गमगीन हो गया था. हर कोई परिजनों को सात्वना देते नजर आ रहे थे.
घटना के संबंध में बताया जाता है कि चकरा गांव निवासी हंसनाथ पटेल के यहां शनिवार को बारात आयी थी. बारात दरवाजे पर लगी थी. एक तरफ ऑकेस्ट्रा चल रहा था,जबकि दूसरी तरफ लोग खाना खा रहे थे. उसी दौरान गांव के ही स्व. राम रतन यादव के पुत्र शिव सागर यादव थाना क्षेत्र के देवापाली निवासी रघुनाथ चौधरी के पुत्र राम ज्ञानी चौधरी को गाली देने लगा था.
जिसका राम ज्ञानी ने विरोध किया. इससे नाराज शिव सागर यादव ने कमर से पिस्तौल निकाल कर उसे गोली मार दी थी. गोली पेट में लगते ही रामज्ञानी गिर पड़ा. मौके की नजाकत का फायदा उठाकर गोली मारने वाला वहां से भाग निकला. घायल राम ज्ञानी चौधरी को लोगों ने इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया था. जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे पटना रेफर कर दिया था. रविवार को घायलावस्था में रामज्ञानी चौधरी ने शिवसागर यादव के खिलाफ आवेदन दिया था.
इधर सोमवार को रामज्ञानी चौधरी की मौत पटना में इलाज के दौरान हो गयी. जिसके बाद पोस्टमार्ट के बाद देर रात सोमवार को शव घर पर पहुंचा. जैसे ही उसके मौत की सूचना घरवालों को मिली कोहराम मच गया. मृतक के तीन लड़का और तीन लड़की है. यह अपने चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था. जीवन यापन के लिए राजमिस्त्री का काम करता था.
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