नवंबर 2016 तक नीलगाय मारने की छूट
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Feb 2016 6:19 AM
विज्ञापन
सीतामढ़ी/बेलसंड : जिले के कई प्रखंडों के किसान वर्षों से नीलगाय व जंगली सूअर के आतंक से परेशान हैं.दोनों जंगली पशुओं द्वारा बड़े पैमाने पर फसलों को क्षति पहुंचायी जा रही है. वन विभाग के स्तर से नीलगाय व जंगली सूअर पर अंकुश लगाने के लिए कल तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था. […]
विज्ञापन
सीतामढ़ी/बेलसंड : जिले के कई प्रखंडों के किसान वर्षों से नीलगाय व जंगली सूअर के आतंक से परेशान हैं.दोनों जंगली पशुओं द्वारा बड़े पैमाने पर फसलों को क्षति पहुंचायी जा रही है. वन विभाग के स्तर से नीलगाय व जंगली सूअर पर अंकुश लगाने के लिए कल तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था. अब जाकर राज्य सरकार ने उक्त दोनों पशुओं के शिकार करने की छूट दे दी है.
नीलगाय से 31 जिला प्रभावित : राज्य सरकार ने भारत सरकार को भेजे प्रस्ताव में बताया था कि नीलगाय के आतंक से सूबे का 31 जिला प्रभावित है, जिसमें सीतामढ़ी भी शामिल है. वहीं जंगली सूअर के आतंक से 10 जिला प्रभावित है. यहां बता दें कि इन 10 जिलों में सीतामढ़ी का नाम शामिल नहीं है. सरकार ने इस मामले का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने को कहा है.
आलू की फसल बरबाद : रूपौली के किसान सीताराम महतो, नागेश्वर साह, प्रभाकर सिंह व कामेश सिंह समेत दर्जनों किसानों ने बताया कि नीलगाय जहां गेहूं की फसल को बरबाद कर रही है तो दूसरी ओर जंगली सूअर आलू की फसल को बरबाद कर रहा है. पीड़ित किसानों की संख्या सैकड़ों में होगी. हर किसी की नजर प्रशासन की ओर है जो दोनों पशुओं के आतंक से मुक्ति दिला दे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










