नेपाल तक फैला है संतोष गिरोह का काला कारोबार, मुकेश व कालिया की तलाश में काठमांडु पहुंची पुलिस

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 29 Dec 2015 6:48 PM

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नेपाल तक फैला है संतोष गिरोह का काला कारोबार, मुकेश व कालिया की तलाश में काठमांडु पहुंची पुलिस ध्यानार्थ संपादक जी फोटो नंबर-7, न्यायालय में पेशी के लिए जाता संतोष झा (फाइल फोटो)– खौफ संतोष का, धमकी मुकेश का व अंजाम देता है कालिया– 851 दिन बाद गिरोह की खतरनाक वापसी– गिरोह में चिरंजीवी का […]

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नेपाल तक फैला है संतोष गिरोह का काला कारोबार, मुकेश व कालिया की तलाश में काठमांडु पहुंची पुलिस ध्यानार्थ संपादक जी फोटो नंबर-7, न्यायालय में पेशी के लिए जाता संतोष झा (फाइल फोटो)– खौफ संतोष का, धमकी मुकेश का व अंजाम देता है कालिया– 851 दिन बाद गिरोह की खतरनाक वापसी– गिरोह में चिरंजीवी का स्थान अब विकास को– पुलिसिया लापरवाही से संतोष व मुकेश हुए थे फरारअमिताभ कुमार सीतामढ़ी : उत्तर बिहार में एक बार फिर संतोष गिरोह सक्रिय हो चुका है. 851 दिन बाद संतोष के इशारे पर मुकेश पाठक ने गिरोह को सक्रिय करते हुए लेवी के लिए आपराधिक घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया है. लेवी वसूलने में खौफ संतोष का, धमकी मुकेश का और अंजाम विकास उर्फ कालिया दे रहा है. यह पुलिस का मानना है. 10 वर्ष से उत्तर बिहार के सीतामढ़ी, शिवहर व मोतिहारी जिला के अंडरवर्ल्ड पर राज करने वाले संतोष गिरोह की नजर अब दरभंगा पर है. हालांकि संतोष पर हाजीपुर व राजधानी पटना के थाना में भी आपराधिक मामला दर्ज है. आर्थिक दृष्टिकोण से सुदृढ़ हो चुके संतोष गिरोह का काला कारोबार उत्तर बिहार के विभिन्न जिला के अलावा पड़ोसी देश नेपाल के काठमांडु तक फैला है. इस बात का खुलासा रांची में गिरफ्तारी के बाद पुलिसिया पूछताछ में हुआ था. यह भी सामने आया था कि नेपाल के बड़े व्यवसायियों के यहां संतोष गिरोह का रुपया सूद पर लगा हुआ है. पुलिस सूत्रों पर भरोसा करें तो दरभंगा में इंजीनियर हत्याकांड को अंजाम देने के बाद मुकेश अपने शार्प शूटर कालिया के साथ नेपाल में छुप गया है. दरभंगा में इंजीनियर हत्याकांड के बाद गृह विभाग के सख्ती के बाद एसटीएफ के साथ नेपाल से सटे सीमावर्ती जिला की पुलिस ने भी अपनी पूरी ताकत मुकेश व कालिया की गिरफ्तारी के लिए झोंक दी है. यहीं कारण है कि सीमावर्ती जिला की पुलिस टीम मुकेश व कालिया की गिरफ्तारी के लिए नेपाल के काठमांडु व जनकपुर पहुंच चुकी है. इधर एसटीएफ के हत्थे ओमप्रकाश सिंह नामक एक व्यक्ति के चढ़ने की चर्चा भी है. — अनुपम की हत्या के बाद खतरनाक इंट्रीशिवहर में बिजली निर्माण कंपनी के सुपरवाइजर राजेंद्र प्रसाद सिंह की हत्या से 851 दिन पूर्व लेवी नहीं मिलने पर संतोष के इशारा मिलने पर चिरंजीवी का फरमान जारी होते हीं विकास उर्फ कालिया ने 31 जुलाई 2013 को सीतामढ़ी के बाजपट्टी थाना क्षेत्र के बसहा गांव में अधवारा नदी के तटबंध निर्माण करने वाली सिलिकौन इंडिया कंपनी के ठेकेदार अनुपम कुमार की गोली मार कर हत्या कर दी थी. — 18 अगस्त 2013 को चिरंजीवी गिरफ्तारघटना को तत्कालीन एसपी पंकज सिन्हा ने काफी गंभीरता से लिया था. जिसके परिणामस्वरूप 18 अगस्त 2013 को गठित स्पेशल टास्क फोर्स ने सुरसंड थाना क्षेत्र के छोटकी भिठ्ठा गांव से चिरंजीवी व कालिया को दबोच लिया. हालांकि पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों को नेपाल के काठमांडू में दबोचा गया था और संतोष फरार हो गया था. चिरंजीवी व विकास की गिरफ्तारी ने संतोष गिरोह की कमर तोड़ दी. लंबे समय तक उत्तर बिहार के किसी भी हिस्सा में गिरोह की ओर से आपराधिक घटनाओं को अंजाम नही दिया गया. — रांची से संतोष और मुकेश हुए थे गिरफ्तारमोतिहारी पुलिस ने संतोष व मुकेश पाठक को 16 जनवरी 2012 को रांची के डुमरबग्गा से गिरफ्तार किया था. उस समय तलाशी के समय दोनों के पास से फर्जी पहचान पत्र व पैन कार्ड भी बरामद हुआ था. मोतिहारी पुलिस की कड़ी मेहनत से गिरफ्तार संतोष झा ठीक महीना बाद यानी 17 फरवरी 2012 को न्यायालय से जमानत मिल गयी थी. इस मामले में अनुसंधान कर रहे दारोगा विपिन कुमार को निलंबित किया गया था. जबकि मोतिहारी मुफस्सिल थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष रवि कुमार समेत शिवहर व सीतामढ़ी के दर्जन पुलिस पदाधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की गयी थी. हालांकि बाद में ताबड़तोड़ आपराधिक घटनाओं को लेकर एक लाख के इनामी अपराधी बन चुके संतोष झा को बिहार एसटीएफ ने 13 फरवरी 2014 को पश्चिम बंगाल के 24 साउथ परगना के विशुनपुर से गिरफ्तार किया था. तब से वह जेल में बंद है. ठीक इसी तरह पुलिसिया लापरवाही का लाभ मुकेश पाठक को भी मिला. वह गत 15 जुलाई 2015 को शिवहर अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया. इस मामले में भी पांच सुरक्षाकर्मी को निलंबित किया गया था. संतोष पर दर्ज आपराधिक मामलेसीतामढ़ी : संतोष झा पर सबसे अधिक शिवहर व सीतामढ़ी में आपराधिक मामले दर्ज है. शिवहर के पुरनहिया थाना में कांड संख्या 06/13 (डकैती व बम विस्फोट), 44/03 (विस्फोटक), 93/11 (हत्या), थाना कांड संख्या 28/11 (नक्सली हमला), तरियानी थाना कांड संख्या 107/03 (नक्सली हमला), सीतामढ़ी के रीगा थाना कांड संख्या 167/03(गोलीबारी), बेलसंड थाना कांड संख्या 21/12 (हत्या व रंगदारी), रून्नीसैदपुर थाना कांड संख्या 130/12 (हत्या व रंगदारी), पटना के जक्कनपुर थाना कांड संख्या 194/04 (विस्फोटक के साथ गिरफ्तारी),हाजीपुर थाना कांड संख्या 259/11 के अलावा गोपालगंज व बेतिया समेत अन्य जिला में भी संतोष आपराधिक मामले दर्ज है.

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