पुनौरा मवि में ग्रामीणों ने किया हंगामा

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पुनौरा मवि में ग्रामीणों ने किया हंगामा फोटो-13 ग्रामीणों से घिरे प्रधान, 14 स्कूल में हंगामा करते ग्रामीण प्रधानाध्यापक को निलंबित करने की मांगढाई घंटे तक ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक को रखा बंधकमुखिया व सरपंच ने पहुंच मामले को कराया शांतमुखिया ने कहा, कुव्यवस्था को लेकर की गयी है शिकायतसीतामढ़ी. डुमरा प्रखंड के मध्य विद्यालय पुनौरा […]

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पुनौरा मवि में ग्रामीणों ने किया हंगामा फोटो-13 ग्रामीणों से घिरे प्रधान, 14 स्कूल में हंगामा करते ग्रामीण प्रधानाध्यापक को निलंबित करने की मांगढाई घंटे तक ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक को रखा बंधकमुखिया व सरपंच ने पहुंच मामले को कराया शांतमुखिया ने कहा, कुव्यवस्था को लेकर की गयी है शिकायतसीतामढ़ी. डुमरा प्रखंड के मध्य विद्यालय पुनौरा के प्रधानाध्यापक वीरेंद्र कुमार को निलंबित करने की मांग को लेकर वार्ड सदस्य दिनेश कुमार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने गुरुवार को जम कर हंगामा किया. करीब ढाई घंटे तक ग्रामीण प्रधानाध्यापक को बंधक बनाये रखा. इस दौरान शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों के विरुद्ध नारेबाजी की. ग्रामीणों का कहना था कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक के कारण अराजकता का माहौल है. स्कूल के पठन-पाठन पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. छात्र-छात्राओं के अनुपात में शिक्षकों की भारी कमी है जिस पर प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. वहीं प्रधानाध्यापक पर लूट-खसोट का आरोप लगाया गया. ग्रामीणों के घंटों हंगामा करने के बाद भी न तो पुनौरा ओपी की पुलिस पहुंची और न ही प्रशासन का कोई अमला ही पहुंच सका. बाद में मुखिया सुनील कुमार एवं सरपंच संतोष कुमार सिंह मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों से बात की. उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को मोबाइल पर स्थिति से अवगत कराया. बाद में प्रधानाध्यापक श्री कुमार ने प्रखंड शिक्षक पदाधिकारी को संबोधित एक आवेदन ग्रामीणों के समक्ष लिखा. प्रधान ने कहा, प्रतियोजन पर रहते हैं शिक्षकप्रधान के अनुसार स्कूल के शिक्षक प्रमोद कुमार मधुकर एवं नजीबुल्लाह बराबर प्रतियोजन में रहते हैं. इसके कारण स्कूल में पढ़ाई बाधित रहता है. मुखिया ने बताया कि स्कूल की कुव्यवस्था को लेकर बराबर अधिकारियों को अवगत कराया जाता है, लेकिन इस दिशा में कोई सुनवाई नहीं होती है. आजिज आकर ग्रामीणों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा है. उधर ग्रामीणों का कहना है कि बिना कोई कारण बताये दोनों शिक्षक अनुपस्थित रहते हैं. स्कूल में 17 शिक्षक, आठ रहते हैं गायबस्कूल में मात्र 17 शिक्षक एवं शिक्षिका हैं. उसमें भी आठ शिक्षक प्रतिदिन अनुपस्थित रहते हैं. निगरानी द्वारा भी इसका खुलासा हो चुका है. छह से आठवीं तक के बच्चे को हिंदी पढ़ने नहीं आता है तथा जोड़ घटाव भी नहीं आता. स्कूल खुलने का समय 10 बजे है लेकिन शिक्षक 11 बजे के बाद ही आते हैं. उनके द्वारा उपस्थिति बनाने के बाद खिचड़ी प्रोग्राम होता है और फिर 12 बजे स्कूल बंद हो जाता है. स्कूल में न तो रूटीन का ख्याल रखा जाता है और न ही घंटी बजती है. बिना बताये फॉर्म पर करवाते हैं दस्तखतग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की अध्यक्ष आशा देवी जो शरीर से लाचार है तथा आंख से भी कम देखती हैं, उन्हें बिना बताये फॉर्म पर साइन करवा लिया जाता है. स्कूल में लगा महापुरुषों का सारा कैलेंडर गायब हो चुका है. स्कूल में न तो बेंच-डेस्क है और न ही पीने के पानी व्यवस्था. सारा स्कूल खंडहर जैसा है. फंड आने पर प्रधानाध्यापक अपनी जेब भर लेते हैं. प्रदर्शन करनेवालों में रितेश सिंह, जग्गु हाथी, किशोरी महतो, विजय झा, मुकेश महतो, नागेंद्र प्रसाद, हरिओम सिंह समेत दर्जनों ग्रामीण शामिल थे.

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