काम-धंधे पर भी इस भीषण ठंड का असर

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पानी को छूने से हो रहा बर्फ सा एहसास सीतामढ़ी : उफ्फ…यह ठंड तो जानलेवा है. जीना मुहाल हो गया हैं. घर से बाहर निकलना दुश्वार हो गया है. आजकल यह शब्द बड़े-बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं सभी के मुंह से अनायास ही निकल रहा है. हालांकि रविवार को धूप निकलने के बाद लोगों को थोड़ी […]

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पानी को छूने से हो रहा बर्फ सा एहसास

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सीतामढ़ी : उफ्फ…यह ठंड तो जानलेवा है. जीना मुहाल हो गया हैं. घर से बाहर निकलना दुश्वार हो गया है. आजकल यह शब्द बड़े-बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं सभी के मुंह से अनायास ही निकल रहा है. हालांकि रविवार को धूप निकलने के बाद लोगों को थोड़ी राहत मिली. लेकिन, पछिआ हवा ठंड के मौसम का एहसास कराता रहा.

नेपाल का सटा जिला होने का दिख रहा प्रभाव: यही कारण है कि धूप के बावजूद हाड़ कंपा देने वाली ठंड का लोगों को सामना करना पड़ रहा है. सरकारी कार्यालय पर सरकारी कर्मचारी, तो पुलिस स्टेशन पर पुलिस बल और विभिन्न चौक-चौराहों पर आम लोग सभी अलाव का सहारा लेते नजर आ रहे हैं. अचानक पारा लुढ़कने के बाद पर्वतीय क्षेत्र नेपाल से सटा जिला होने के कारण ठंड का जबरदस्त असर दिख रहा है. जिले में अबतक सात लोगों की मौत ठंड हो चुकी हैं. हालांकि, इसकी पुष्टि जिला प्रशासन की ओर से नहीं हुई है.

पंचायत प्रतिनिधियों ने ठंड से मौत की पुष्टि की है. कुछ दिनों पूर्व डीएम अभिलाषा कुमारी शर्मा ने ठंड को देखते हुए जरूरतमंदों के बीच कंबल भी वितरित किया था. वहीं, नगर परिषद को प्रत्येक चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था करने का निर्देश दिया. लेकिन, कुछ स्थानों को छोड़कर अधिकांश स्थानों पर नगर परिषद की ओर से अलाव की व्यवस्था नहीं की गयी. सक्षम लोगों का तो काम चल जा रहा हैं, लेकिन गरीब लोगों को अलाव के जलावन के लिए परेशान होना पड़ रहा है.

गृहणियों को होती है अधिक परेशानी

ठंड के कारण सबसे अधिक परेशानी गृहणियों को हो रही है. शहर के भवदेपुर स्थित चंदन नगर निवासी गृहणी सुधा सिंह का कहना है कि घर से बाहर निकलने वालों को ही नहीं, बल्कि गृहणियों को उससे अधिक ठंड का सामना करना पड़ता है. सुबह पांच बजे उठकर नित्य क्रियाओं व स्नान आदि के बाद परिजनों के लिए नास्ता तैयार करने में लग जाती है.

लगातार पड़ रही ठंड के बावजूद ठंडे पानी से बर्तन और कपड़ों की साफ-सफाई करना है. उसके बाद दिन भर घर के कार्यों को बिना ठंड की परवाह किये पूरा करती है. ठंड में घर के बुजुर्गों का खास ख्याल रखना पड़ता है. उनकी सेवा और साफ-सफाई में बार-बार ठंडे पानी से दो-चार होना पड़ता है.

ठंड से अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी: जिले में ठंड के कारण रोगों का कहर तेज हो गया है. बच्चों में निमोनिया और बुजुर्गों में पैरालाइसिस का प्रकोप ज्यादा दिख रहा है. इसके अलावा सर्दी, खांसी, बुखार, दर्द, पीलिया, कोल्ड डायरिया, चर्म रोग टांसिल, आंखों में संक्रमण व हृदय रोग की समस्या बढ़ गयी है.

ठंड का असर हर उम्र पर दिख रहा है. लेकिन, बच्चे और बुजुर्गों में इसका ज्यादा असर दिखा रहा है. शहर के तमाम निजी क्लिनिक व सरकारी अस्पताल में मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गयी.

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