सीतामढ़ी : डीपीओ स्थापना से मांगा स्पष्टीकरण
Author Prabhat khabar digital desk
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सीतामढ़ी : सोनबरसा प्रखंड की गबन की आरोपित एक शिक्षिका को कथित तौर पर संरक्षण देने को ले डीपीओ स्थापना एवं संबंधित कर्मी आरडीडीइ की नजर पर चढ़े हुए है. मामले में डीइओ को कार्रवाई का आदेश मिला हुआ है. यह मामला अभी चल ही रहा है कि अपने दो कर्मियों को निर्धारित से अधिक […]
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सीतामढ़ी : सोनबरसा प्रखंड की गबन की आरोपित एक शिक्षिका को कथित तौर पर संरक्षण देने को ले डीपीओ स्थापना एवं संबंधित कर्मी आरडीडीइ की नजर पर चढ़े हुए है. मामले में डीइओ को कार्रवाई का आदेश मिला हुआ है. यह मामला अभी चल ही रहा है कि अपने दो कर्मियों को निर्धारित से अधिक वेतन का भुगतान कर डीपीओ स्थापना फिर चर्चा में आ गये है.
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क्या है पूरा मामला: 27 अक्तूबर 18 को प्रमंडलीय स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक हुई थी. समीक्षा के दौरान यह पाया गया था कि डीपीओ स्थापना के दो लिपिक क्रमशः रामवीर सिंह व कामेश्वर प्रसाद निर्धारित ग्रेड-पे से अधिक वेतन ले रहे है. दोनों लिपिक ग्रेड-पे 2000 की जगह 2400 में वेतन उठा रहे है. बैठक में लिए गये निर्णय के आलोक में आरडीडीइ ने डीपीओ स्थापना को पत्र भेज दोनों को ग्रेड-पे 2000 में ही वेतन का भुगतान करने को कहा था. साथ ही 2400 ग्रेड-पे के तहत वेतन मद में ली गयी अधिक राशि की वसूली करने का निर्देश दिया था.
शिकायत पर हुआ जवाब-तलब
इस बीच, राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक आयोग, सीतामढ़ी के जिलाध्यक्ष मो शाह आलम ने दो फरवरी को आरडीडीइ से शिकायत की थी कि स्क्रीनिंग कमेटी के निर्णय एवं आदेश के बावजूद दोनों लिपिक को पुराने ग्रेड पे 2400 में ही भुगतान किया जा रहा है. इसे आरडीडीइ ने गंभीरता से लिया है. कथित तौर पर अवैध भुगतान को लेकर डीपीओ स्थापना से तीन दिनों के अंदर जवाब-तलब किया गया है.
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