गुलमर्ग में मौत को मात: रोपवे में खराबी से हवा में अटकीं 300 सांसें, सेना के जांबाजों ने सुरक्षित बाहर निकाला

गुलमर्ग केबल कार सेवा, फोटो पीटीआई
Gulmarg Cable Car Fault: जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में सोमवार को रोपवे में तकनीकी खराबी आने से 300 पर्यटक हवा में फंस गए थे. उन्हें घंटों की मशक्कत के बाद सेना, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवानों ने सुरक्षित बाहर निकाला. बचाव अभियान पूरा कर लिया गया.
Gulmarg Cable Car Fault: रोपवे के 65 केबिन में 300 पर्यटक घंटों तक आसमान में फंसे रहे. लेकिन भारी बारिश के बाद भी सेना के जवान सभी को सुरक्षित बचाने में सफल रहे. कुछ केबिन जमीन से लगभग 500 फुट ऊपर थे. गुलमर्ग केबल कार सेवा, जिसे गंडोला के नाम से जाना जाता है, खराबी आने के बाद फौरन रोक दिया गया था.
पहले पांच घंटे में 179 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया
दोपहर के आसपास रोवपे में खराबी आयी. जिसके बाद तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया. पहले पांच घंटों में 179 पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया था. बचाव अभियान में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के कर्मियों के साथ-साथ पुलिस और सेना भी शामिल थे.
उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने बचाव कार्य तेजी से चलाने का दिया था निर्देश
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात को गुलमर्ग जाकर बचाव अभियान की निगरानी करने का निर्देश दिया था. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी कहा था सरकार स्थिति पर करीबी नजर रख रही है. उमर ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया था, सभी केबिन सुरक्षित हैं और फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशिक्षित टीम बचाव अभियान का संचालन कर रही हैं.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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