ePaper

Sinheshwar Dham: सावन से पहले बिहार सरकार का बड़ा फैसला, सिंहेश्वर धाम मेले को मिला राजकीय दर्जा

Updated at : 12 Jul 2024 11:45 AM (IST)
विज्ञापन
Sinheshwar Dham: सावन से पहले बिहार सरकार का बड़ा फैसला, सिंहेश्वर धाम मेले को मिला राजकीय दर्जा

Sinheshwar Dham: मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर धाम एवं बाबा विशु राउत मेले को 'राजकीय मेला' का दर्जा मिल गया है. इसकी घोषणा राजस्व और भूमि सुधार मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने सिंहेश्वर धाम पहुंचने पर की.

विज्ञापन

Sinheshwar Dham: मधेपुरा. बिहार के मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर धाम एवं बाबा विशु राउत मेले को ‘राजकीय मेला’ का दर्जा मिल गया है. इसकी घोषणा राजस्व और भूमि सुधार मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने सिंहेश्वर धाम पहुंचने पर की. उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सिंहेश्वर मेला एवं बाबा विशु राउत मेला को ‘राजकीय मेला’ का दर्जा दे दिया गया है. राजस्व विभाग ने राजकीय मेला घोषित कर कुल 19.50 लाख रुपये का आवंटन किया है. सिंहेश्वर स्थान में श्रावणी मेला के लिए 15 लाख और बाबा विशु राउत धाम चौसा के लिए 4.50 लाख रुपए राशि का आवंटन किया गया है.

सिंहेश्वर धाम में दिलीप जायसवाल ने की पूजा

दिलीप जायसवाल सिंहेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना में शामिल हुए. मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि झारखंड अलग होने के बाद सिंहेश्वर धाम मंदिर का अपना अलग महत्व है. बिहार के लिए सिंहेश्वर दूसरा बैद्यनाथ धाम मंदिर माना जाता है. राजस्व विभाग ने श्रावणी मेले को लेकर बिहार के कुछ बाबा के धाम के लिए स्पेशल पैकेज की घोषणा की थी, जो सरकार की सूची में दर्ज है. इसके बाद उन्हें मालूम हुआ कि इसमें सिंहेश्वर स्थान का नाम नहीं है. इसके लिए कई लोगों ने मांग की थी.

Also Read: Patna Airport: पटना एयरपोर्ट से 24 साल बाद शुरू होगी अंतरराष्ट्रीय उड़ान, इन देशों के लिए हवाई सेवा जल्द

सिंहेश्वर धाम को लेकर है प्राचीन मान्यता

मधेपुरा जिला अंतर्गत सिंहेश्वर में महादेव का एक अति प्राचीन मंदिर है. मान्यता है कि सिंहेश्वर को स्वयं भगवान विष्णु ने स्थापित किया था. कहा जाता है कि यह स्थान कभी महान श्रृंगी ऋषि की तपोभूमि हुआ करता था. श्रृंगी ऋषि के निवास के कारण यह स्थान सिंहेश्वर स्थान के नाम से प्रसिद्ध हुआ. वहीं, इससे पहले राज्य में 14 जगहों पर लगाए जाने वाले श्रावणी मेले की सूची जारी की गई थी, जिसमें सिंहेश्वर धाम का नाम नहीं था. अब सरकार ने सूची में इसे भी शामिल कर लिया है.

विज्ञापन
Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन