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राजगीर के अस्पताल में ब्लड बैंक की व्यवस्था नहीं

Updated at : 18 Dec 2019 2:03 AM (IST)
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राजगीर के अस्पताल में ब्लड बैंक की व्यवस्था नहीं

राजगीर : इन दिनों अनुमंडलीय अस्पताल राजगीर की व्यवस्था सुचारु नहीं होने से इमरजेंसी के तहत मरीजों को रेफर कर दिये जाने की ज्वलंत समस्या आम हो गयी है. इसकी मुख्य वजह यहां ब्लड बैंक की स्थापना या व्यवस्था नहीं होने का रोना रोया जाता है. इस अस्पताल में ब्लड बैंक की व्यवस्था पूर्व में […]

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राजगीर : इन दिनों अनुमंडलीय अस्पताल राजगीर की व्यवस्था सुचारु नहीं होने से इमरजेंसी के तहत मरीजों को रेफर कर दिये जाने की ज्वलंत समस्या आम हो गयी है. इसकी मुख्य वजह यहां ब्लड बैंक की स्थापना या व्यवस्था नहीं होने का रोना रोया जाता है. इस अस्पताल में ब्लड बैंक की व्यवस्था पूर्व में की गयी थी, जिसमें सात माह पूर्व ब्लड स्टोरेज यूनिट से जुड़ी व्यवस्था के तहत संबंधित उपकरण को स्थापित भी किया गया था. मगर अब तक इसे सुव्यवस्थित व सुचारु रूप से चालू नहीं किया जा सका है.

इस अस्पताल में एक ब्लड बैंक यूनिट की व्यवस्था तथा उसके लिए प्रशिक्षित चिकित्सक को भी बहाल किया गया था. मगर इसके फौरन बाद ही इस अस्पताल के सभी चिकित्सकों सहित अन्य कर्मियों का तबादला कर दिया गया, जिसके कारण उस समय से ब्लड बैंक की व्यवस्था तथा इससे मरीजों के समुचित इलाज प्रभावित हो रहा है,
जिसके कारण अस्पताल पहुंचे जख्मी तथा प्रसव पीड़ित माताओं सहित अन्य के ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक बेबस नजर आते हैं और मजबूरन चिकित्सक द्वारा मरीजों को बेहतर, समुचित व अग्रेतर इलाज के लिए रेफर कर दिया जाता है और इसका खामियाजा इमरजेंसी में पीड़ित मरीजों तथा उनके परिजनों को उठाना पड़ता है. ऐसे में रेफर के दौरान मरीजों की जान चली जाती है. बताते चलें कि मुख्यमंत्री महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल अनुमंडलीय अस्पताल भी रहा है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1 दिसंबर, 2007 को इसके भवन निर्माण की आधारशिला रखी थी. फिर उन्होंने ही 21 जुलाई, 2012 को इस नवनिर्मित अनुमंडलीय अस्पताल का भी उद्घाटन भी किया था. उद्घाटन समारोह को संबोधित करते उन्होंने कहा था कि यहां के पुराने रेफरल अस्पताल में सभी वर्गों के मरीजों को प्राथमिक इलाज के बाद रेफर कर दिये जाने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
ऐसे में इस अनुमंडलीय अस्पताल के निर्माण का उद्देश्य है कि राजगीर की जनता के अलावे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी राजगीर के परिभ्रमण पर आये देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए सभी चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया हो सके परंतु वर्तमान में सीमित संसाधनों के बल पर इलाज में जुटे सभी डॉक्टर और अस्पतालकर्मियों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
वहीं आपात स्थिति में जरूरत पड़ने पर मरीजों को ब्लड बैंक के अभाव में इलाज के दौरान वे बेबस नजर आते हैं, जिसमें यह अनुमंडलीय अस्पताल अपने उद्देश्य में विफल नजर आ रहा है.
बताते चलें कि राजगीर में सालों भर लाखों देशी-विदेशी सैलानियों का आवागमन होता है. जबकि अभी पर्यटन सीजन में उनकी संख्या काफी होती है. वहीं वर्ष भर राजकीय, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बड़े-बड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होता रहता है.
इस क्रम में 27, 28 व 29 दिसंबर से गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व का विशाल आयोजन निर्धारित है, जिसमें हजारों की संख्या में सिख धर्मावलंबीगण आयेंगे, ऐसे में अनुमंडलीय अस्पताल में ब्लड बैंक की व्यवस्था सुचारु न होना चिंता का विषय बनी हुई है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लोगों ने इस अस्पताल में ब्लड बैंक तथा आपात चिकित्सा सुविधाओं को बहाल करने की मांग की है.
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