पुलिस गाड़ी से डॉक्टर को अस्पताल ले जाते देखकर हिंसक हो गयी भीड़
Updated at : 04 Sep 2018 6:14 AM (IST)
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भीड़ का मिजाज नहीं समझ पाये थानाध्यक्ष शेखपुरा : अरियरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की कुव्यवस्था से आक्रोशित ग्रामीणों का मिजाज स्थानीय थानाध्यक्ष नहीं भांप सके. वे जैसे ही स्वास्थ्यकर्मी राजा राम को पुलिस जीप से उतार कर स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहा. वैसे ही भीड़ उग्र हो गयी. इसके बाद वह हिंसक हो गयी. इस […]
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भीड़ का मिजाज नहीं समझ पाये थानाध्यक्ष
शेखपुरा : अरियरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की कुव्यवस्था से आक्रोशित ग्रामीणों का मिजाज स्थानीय थानाध्यक्ष नहीं भांप सके. वे जैसे ही स्वास्थ्यकर्मी राजा राम को पुलिस जीप से उतार कर स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहा. वैसे ही भीड़ उग्र हो गयी. इसके बाद वह हिंसक हो गयी. इस दौरान पुलिस घेरे को तोड़कर न सिर्फ स्वास्थ्य कर्मी को अपने कब्जे में ले लिया. बल्कि लाठी-डंडे लेकर लोगों ने उन पर हमला बोल दिया. इस दौरान किसी बड़ी अनहोनी की भी घटना घट सकती थी. अगर स्वास्थ्यकर्मी भागकर एक निजी आवास में नहीं छिपते.
सहमे रहे अस्पताल में भर्ती मरीज : कुव्यवस्था के खिलाफ उग्र रूप धारण किये ग्रामीण जहां बाहर चिकित्सक कर्मी को दौड़ा-दौड़ाकर पीट रहे थे. वहीं अस्पताल के अंदर भर्ती मरीज काफी सहमे-सहमे थे.
घटनाक्रम के दौरान संस्थागत प्रसव कराने एवं अन्य आधा दर्जन मरीज काफी दहशत में दिख रहे थे. दरअसल सड़क हादसे में जख्मी ग्रामीण का इलाज के अभाव में मौत के बाद भड़के ग्रामीणों ने पीएचसी के मुख्य द्वार में ताला जड़ दिया था. ऐसी परिस्थिति में मरीज और उनके परिजन अस्पताल के अंदर ही बाहर चल रही घटनाक्रम को लेकर काफी दहशत में दिख रहे थे.
लंबे समय से चल रही है सुधार की लड़ाई : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अरियरी में सुधार की लड़ाई लंबे अरसे से चल रही थी. इस लड़ाई में इसके पहले ग्रामीण कई बार स्थानीय अधिकारी एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के समक्ष अपनी बात लिखित एवं मौखिक रूप से रख चुके थे. समय-समय पर मीडिया कर्मियों के माध्यम से भी कुव्यवस्था के मुद्दे को समाचार पत्रों में उजागर करवाया जाता रहा. इसके बावजूद भी अब तक इस दिशा में कोई सुधार नहीं हो सका. आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दिन के उजाले में लेट लतीफ आयुष चिकित्सक ही सही, लेकिन ओपीडी तो चल जाया करता था. परंतु जब इमरजेंसी सेवा की बात आती थी तो मरीजों को जोखिम उठाना ही नियति बन गयी थी.
ग्रामीणों ने डॉक्टरों पर लगाया गंभीर आरोप : घटनाक्रम के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने चिकित्सक एवं कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाये हैं. इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल के अंदर चिकित्सक निर्धारित समय पर कभी नहीं पहुंचते और समय से पहले ही चले भी जाते हैं. इतना ही नहीं इलाज के दौरान मरीजों से स्वास्थ्य कर्मियों में चिकित्सकों के द्वारा दुर्व्यवहार भी किया जाता है.
उपद्रवियों पर हुई कार्रवाई, 22 चिह्नित :
रोड जाम के दौरान राजगीर से मारपीट समेत अन्य मामलों को लेकर आये पुलिस ने लगभग 22 लोगों को चिह्नित किया है. इस बाबत अरियरी थानाध्यक्ष ने बताया कि वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर उक्त मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है.
आठ साल से फरार चल रहे हैं डॉ कन्हैया लाल
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों का घोर अभाव है. यहां एक पीएचसी और तीन एडिशनल पीएचसी के लिए 13 एमबीबीएस चिकित्सक की जरूरत है. इसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी ही एकमात्र एमबीबीएस चिकित्सक है. इसके अलावा प्रतिनियुक्ति के आधार पर चेवाड़ा के एमबीबीएस वीरमणि भारती की तैनाती किया गया है. यहां फिलहाल एक दंत चिकित्सक और चार आयुष चिकित्सक के बदौलत तीन स्वास्थ्य उपकेंद्र और एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के उपचार की व्यवस्था बहाल है.
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