मनरेगा को पारदर्शी बनाना अब चुनौती

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 18 May 2017 4:47 AM

विज्ञापन

शिवहर : मिर्जापुर धवाही पंचायत में मनरेगा योजना मजदूरों के साथ धोखाधड़ी का जो मामला सामने आया. उसके बाद मनरेगा योजना को पारदर्शी बनाना प्रशासन के लिए चुनौती बन गयी. हालांकि अब तक के प्रशासनिक कार्य कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगा है . सवाल है की गरीबों गरीबों की हकमारी कर धोखाधड़ी से उनका […]

विज्ञापन

शिवहर : मिर्जापुर धवाही पंचायत में मनरेगा योजना मजदूरों के साथ धोखाधड़ी का जो मामला सामने आया. उसके बाद मनरेगा योजना को पारदर्शी बनाना प्रशासन के लिए चुनौती बन गयी. हालांकि अब तक के प्रशासनिक कार्य कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगा है .

सवाल है की गरीबों गरीबों की हकमारी कर धोखाधड़ी से उनका राशि हड़पने वाले लोगों पर अब तक क्यों नहीं करवाई की गयी . जिले में पदस्थापित इसके नियंत्रण अधिकारी ने कोई कार्यवाही अब तक क्यों नहीं किया.मनरेगा योजना में हेराफेरी मजदूरों के साथ धोखाधड़ी की बात सामने आती रही है .किंतु उसकी लीपापोती बराबर की जाती है .
पुलिस प्रशासन ने पूरी योजना पर से पर्दा हटा दिया है. एसपी प्रकाश नाथ मिश्र मनरेगा योजना में बंदरबांट की बात को स्वीकार किया था . हालांकि किसको कितनी राशि कमीशन के रूप में दी जाती है. इसका खुलासा उन्होंने नहीं किया. इधर जानकारों का कहना है की मनरेगा की 40% से 42% से अधिक राशि कमीशन में चली जाती है. रोजगार सेवक को 10% कार्यक्रम पदाधिकारी को 10% मुखिया को 10% कनीय अभियंता को 5% कार्य देखने वाले संबंधित कार्यालय कर्मी को दो प्रतिशत, बैंक से लेकर बिचौलिया तक के बीच 5% की राशि कमीशन में चली जाती ह. हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है यह जांच का मामला है. ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक ,मुखिया की गिरफ्तारी के बाद मनरेगा योजना का सच लोगों के सामने आ गया.
इसमें पंचायत की भूमिका पर भी सवाल उठ रहा है. अगर मनरेगा की जांच होती है तो वैसे पंचायत जो गरीबों की हकमारी कर रहे हैं.उनका असली चेहरा सामने आ जाएगा जाएगा. एसपी प्रकाशनाथ मिश्र ने प्रेसवार्ता में खुलासा करते हुए कहा था की प्रारंभिक जांच में जो मामला सामने आया है इससे साफ है की मजदूरों का जॉब कार्ड आधार कार्ड और पासबुक पंचायत के प्रतिनिधि या बिचौलियों के ही रहता है.मजदूरों को 2 से 4सौ रुपए थमाकर उन्हें जता दिया जाता है कि मजदूरी पर उनका इतना ही हक है
चर्चा है कि इंदिरा आवास इंदिरा आवास लाभुकों को वित्तीय वर्ष 15 16 में मनरेगा के तहत दी जानेवाली लाभ मैं से भी 40% तक की राशि कार्यक्रम पदाधिकारी, रोजगार सेवक, इंदिरा आवास सहायक, एवं इंजीनियर के बीच बंदरबांट किया जाता है. एसपी ने प्रकाश नाथ मिश्र ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था की सभी पंचायतों की योजनाओं की जांच किया जाना जरूरी है कारण की बैंक की मिलीभगत से कुछ ऐसे गरीबों का भुगतान करा लिया जा रहा है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन