ePaper

मनरेगा में धोखाधड़ी: मुखिया, बैंक के शाखा प्रबंधक समेत चार को पुलिस ने दबोचा

Updated at : 17 May 2017 4:18 AM (IST)
विज्ञापन
मनरेगा में धोखाधड़ी: मुखिया, बैंक के शाखा प्रबंधक समेत चार को पुलिस ने दबोचा

कार्रवाई. मनरेगा में धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने की छापेमारी शिवहर : पुलिस ने मनरेगा की राशि धोखाधड़ी से निकालने के मामले में उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक डुमरी कटसरी स्थान फतहपुर के शाखा प्रबंधक रामप्रसाद काजी, मिरजापुर धोबाहीं पंचायत के मुखिया शत्रुघन दास, मुखिया के भाई राजू कुमार व एक अन्य विचौलिया सिकन्दर दास […]

विज्ञापन

कार्रवाई. मनरेगा में धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने की छापेमारी

शिवहर : पुलिस ने मनरेगा की राशि धोखाधड़ी से निकालने के मामले में उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक डुमरी कटसरी स्थान फतहपुर के शाखा प्रबंधक रामप्रसाद काजी, मिरजापुर धोबाहीं पंचायत के मुखिया शत्रुघन दास, मुखिया के भाई राजू कुमार व एक अन्य विचौलिया सिकन्दर दास को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस की इस कारवाई से गरीबों की हकमारी करने वाले मुखिया, बिचौलियों व विभिन्न बैंक के शाखा प्रबंधकों में हड़कंप है. एसपी प्रकाश नाथ मिश्र ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली की उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक से मनरेगा के तहत भेजी गयी राशि कुछ बिचौलियों द्वारा स्वयं निकासी फर्म भरकर फर्जी तरीके से निकासी की जा रही है. उसके बाद एसपी ने नगर डीएसपी जगदानंद ठाकुर के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय टीम गठित की.इस दौरान बैंक के आस पास मौजूद पुलिस टीम ने दो बिचौलियों मुखिया के भाई राजू कुमार व सिकिंदर दास को रंगे हाथ पकड़ा. जो करीब 80 मनरेगा मजदूर का निकासी फर्म लेकर एक साथ राशि निकासी का प्रयास कर रहे थे.
चौंकाने वाली बात रही की खाताधारी के मौजूद नहीं रहने, पासबुक उपलब्ध नहीं रहने के बावजूद शाखा प्रबंधक निकासी फर्म को पास कर रहा था. सभी फर्म पर उसके भुगतान के लिये हस्ताक्षर भी अंकित कर दिये. जबकि निकासी फर्म पर राशि भी नहीं भरी गयी थी.
इस तरह से शाखा प्रबंधक की भूमिका भी सवाल के घेरे में आ गयी. पुलिस के पूछताछ में पत्ता चला कि शाख प्रबंधक ने मनरेगा मजदूरों को पासबुक तक निर्गत नहीं किया है. कुछ का पासबुक निर्गत है तो खाताधारी की जगह पासबुक बिचौलियों ने दबा रखी है. पूरे मामले में शाखा प्रबंधक की मिली भगत उभर कर सामने आयी.
पुलिस ने शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया. प्रारंभिक अनुसंधान व छापेमारी में बिचौलियों से मिले जॉब कार्ड संबंधी सूची, पंचायत के अन्य अभिलेख व पूछताछ के बाद पुलिस ने पूरे मामले का तार पंचायत से जुड़ा पाया. पंचायत में रखा जाने वाला अभिलेख बिचौलियों के पास देख पुलिस टीम हतप्रभ रह गयी. गिरफ्तार बिचौलियों ने मनरेगा के बंदरबांट गणित से पुलिस को अवगत कराया. कि किस तरह मजदूर,शाखा प्रबंधक व अन्य के बीच कमीशन की राशि बंदरबांट कर मनरेगा की राशि पंचायत द्वारा डकार ली जा रही है.
इस दौरान पुलिस ने मुखिया को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस की जांच की सूई रोजगार सेवक व कार्यक्रम पदाधिकारी के आस पास भी घुमती नजर आ रही है. पुलिस ने बिचौलियों के पास से 80 से अधिक निकासी फर्म, तीन पंजी व मोबाइल बरामद किये है. एसपी ने कहा मामले की छानबीन की जा रही है.
मौके पर एसडीपीओ प्रितीश कुमार, नगर डीएसपी जगदानंद ठाकुर,नगर थानाध्यक्ष देवकुमार तिवारी, तकनीकी सहायक मनीष भारती, राजकुमार झा समेत कई मौजूद थे. इसके अनुसंधान कर्ता नगर थानाध्यक्ष व पर्यवेक्षण की जिम्मेवारी एसडीपीओ को दी गयी है.
बैंक में जेब काट कर भाग रहा पॉकेटमार गिरफ्तार
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन