तरियानी के 20 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी
Updated at : 28 Jul 2016 12:26 AM (IST)
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तरियानी : विगत दिनों सुरगाही में स्लूइस गेट खोले जाने के कारण प्रखंड के 20 से अधिक गांवों में बागमती का पानी फैला हुआ है. जिससे अधिकतर किसान के फसल का नुकसान हुआ है. वही जिस किसान ने धान की रोपनी नहीं किया था. उन्हें शायद फायदा हो. किंतु वैसे किसान भी बिचड़ा दह जाने […]
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तरियानी : विगत दिनों सुरगाही में स्लूइस गेट खोले जाने के कारण प्रखंड के 20 से अधिक गांवों में बागमती का पानी फैला हुआ है. जिससे अधिकतर किसान के फसल का नुकसान हुआ है. वही जिस किसान ने धान की रोपनी नहीं किया था. उन्हें शायद फायदा हो.
किंतु वैसे किसान भी बिचड़ा दह जाने का रोना रो रहे हैं. प्रखंड के चक सुरगाहीं, सुरगाहीं, कोलसो मोतनाजे, कस्तुरिया, गुलरिया, दस्तारा, बेलाहीं दुल्ला शिवनगर, सलेमपुर, कोठियां आदि गांवों के सरेह में बाढ़ का पानी फैला है. सावन माह में खेती का काम निपटा लेने की योजना बनाने वाले किसानों का योजना फेल हो गया है. चकसुरगाही गांव निवासी मो. शकील का कहना है कि उसके घर में बाढ़ का पानी घुस गया है.
जबकि मो. रिजवान का कहना है कि बागमती नदी के पानी से गांव में आने जाने का रास्ता अवरुद्ध हो गया है.वही चकसुरगाही के बहादुर पासवान,पांचू सहनी, अयोध्या पासवान,विंदेश्वर पासवान का कहना है कि कुछ किसानों के कहने पर स्लूइस गेट खोल दिया गया. किंतु उससे छोटे किसानों को नुकसान हुआ है. उनके पास सीमित खेत था. जिसकी रोपनी वर्षा के पानी व पंपिंग सेट के पटवन कराकर कर चुके थे. उसके बाद पानी खेत में फैलने से धान का फसल डूब गया है. डूबने के कारण धान की लगायी गयी फसल के अंदर ही अंदर गल जाने की पूरी संभावना है. ऐसे में चुहानी व कोठी का अनाज समाप्त कर रोपनी कर चूके गरीब किसान हलकान हो गये हैं. इधर बागमती नदी के जलस्तर में गिरावट जारी है. हालांकि डुब्बा घाट पर यह खतरे के निशान से 22 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा था. बेलवा- नरकटिया में भी सरेह में पानी है. बेलवा-देवापुर पथ में आवागमन अभी भी अवरुद्ध है.
22 सेंटीमीटर ऊपर खतरे के निशान से बह रही है बागमती नदी , सरेह में फैल रहा पानी
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