सासाराम में 55 करोड़ के मॉडल अस्पताल में अत्याधुनिक ICU और डायलिसिस वार्ड तो तैयार, पर इस बड़ी कमी से फंसा पेच

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सांकेतिक तस्वीर

Sadar Hospital Sasaram Model Hospital News: सासाराम सदर अस्पताल परिसर में 55 करोड़ की लागत से बने मॉडल अस्पताल में आधुनिक आईसीयू और 12 बेड का डायलिसिस वार्ड तैयार हो गया है. सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन ने सुविधाओं की पुष्टि की है, लेकिन तकनीशियनों की कमी से 30 जून तक सेवा शुरू होने पर संशय है. पढ़ें रिपोर्ट.

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Sadar Hospital Sasaram Model Hospital News (जितेंद्र कुमार पासवान): रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम स्थित सदर अस्पताल परिसर से इस वक्त स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और आंखें खोल देने वाली जमीनी खबर सामने आ रही है. गंभीर रूप से बीमार मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय और विश्वस्तरीय जीवन रक्षक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यहाँ एक अत्याधुनिक इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) और डायलिसिस वार्ड का ढांचा पूरी तरह तैयार कर लिया गया है. वेंटिलेटर से लेकर केंद्रीय ऑक्सीजन सिस्टम तक सब कुछ ऑन-टेबल फिट है, लेकिन इस बड़ी और सुखद खबर के पीछे एक ऐसा प्रशासनिक पेच फंस गया है जिससे आम जनता को इस सेवा का लाभ मिलने में अभी और लंबा वक्त लग सकता है.

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करोड़ों का वार्ड, पर स्टाफ गायब

अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक अजय कुमार ने बताया कि इस नए आईसीयू वार्ड को मल्टीपैरामीटर मॉनिटर और अत्याधुनिक जीवन रक्षक वेंटिलेटर मशीनों से पूरी तरह सुसज्जित किया जा चुका है. इसका सीधा फायदा उन मरीजों को मिलेगा जो सड़क दुर्घटना, ब्रेन हैमरेज, दिल का दौरा या सांस की गंभीर बीमारियों के कारण तड़पते हैं और उन्हें वाराणसी या पटना रेफर कर दिया जाता है. लेकिन सबसे बड़ा झटका यह है कि इन हाई-टेक मशीनों को चालू करने और ऑपरेट करने के लिए अस्पताल में अब तक एक भी प्रशिक्षित तकनीशियन (Technicians) की बहाली नहीं हो सकी है. यही वजह है कि सरकार द्वारा तय की गई 30 जून की आखिरी डेडलाइन तक इस सेवा का लाइव चालू होना अब पूरी तरह नामुमकिन नजर आ रहा है.

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एचआईवी संक्रमितों के लिए खास इंतजाम

इस बीच रोहतास के सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन ने एक और बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट साझा किया है. उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल परिसर में ही किडनी के गंभीर रोगियों के लिए डायलिसिस की अत्याधुनिक सुविधा की तैयारी अंतिम चरण में है. मॉडल अस्पताल के भीतर कुल 12 स्पेशल डायलिसिस बेड लगाए गए हैं. संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए विभाग ने यहाँ बेहद कड़ा और सराहनीय कदम उठाया है. इसके तहत दो अलग स्पेशल कमरे बनाए गए हैं, जिसमें दो बेड हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव मरीजों के लिए और एक बेड विशेष रूप से एचआईवी (HIV) संक्रमित मरीजों के लिए परमानेंट आरक्षित (रिजर्व) रहेगा.

उद्घाटन के महीनों बाद भी इंतजार

गौरतलब है कि रोहतास और आसपास के जिलों के गरीबों को एक ही छत के नीचे सारी महंगी जांच और इलाज मुफ्त देने के उद्देश्य से करीब 55 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट से इस आलीशान मॉडल अस्पताल का निर्माण कराया गया था. इस गगनचुंबी स्वास्थ्य भवन का भव्य उद्घाटन बीते साल 14 अगस्त 2025 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा पूरे तामझाम के साथ किया गया था.

लेकिन उद्घाटन के कई महीने बीत जाने के बाद भी विशेषज्ञ डॉक्टरों और कुशल पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के कारण अस्पताल की ये मुख्य लाइफ-सेविंग सेवाएं कागजों से बाहर नहीं आ सकी हैं. स्थानीय नागरिकों और मरीजों को उम्मीद है कि स्वास्थ्य विभाग जल्द से जल्द अपनी सुस्ती छोड़ेगा और जरूरी नियुक्तियां कर इस 55 करोड़ की योजना को लाइव चालू करेगा, ताकि गरीबों की जेब कटने से बच सके.

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Aditya Kumar Ravi

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By Aditya Kumar Ravi

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