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मां तुतला भवानी धाम के जलप्रपात में आयी बाढ़, फंसे कई लोग

Updated at : 12 Jul 2024 9:12 PM (IST)
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मां तुतला भवानी धाम के जलप्रपात में आयी बाढ़, फंसे कई लोग

कैमूर पहाड़ी स्थित मां तुतला भवानी धाम में आयी अचानक बाढ़ के कारण आधा दर्जन से अधिक सैलानी जलकुंड के इर्द-गिर्द बाढ़ के पानी से घिर गये. मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने सभी सैलानियों का सुरक्षित ढंग से रेस्क्यू कर लिया.

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तिलौथू. कैमूर पहाड़ी स्थित मां तुतला भवानी धाम में आयी अचानक बाढ़ के कारण आधा दर्जन से अधिक सैलानी जलकुंड के इर्द-गिर्द बाढ़ के पानी से घिर गये. मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने सभी सैलानियों का सुरक्षित ढंग से रेस्क्यू कर लिया. इसकी जानकारी वन परिसर पदाधिकारी अमित कुमार ने दी. उन्होंने बताया कि शुक्रवार की देर शाम मां तुतला भवानी धाम में गिर रहे वाटरफॉल का लुत्फ उठाने के लिए हजारों की संख्या में सैलानी पहुंचे हुए थे. उसी क्रम में कुछ सैलानी जलकुंड से बहती नदी की धारा में स्नान कर रहे थे, लेकिन अचानक पहाड़ी पानी गिरने के कारण मां तुतला भवानी धाम के वाटरफॉल में बाढ़ आ गयी. वाटरफॉल के बहाव ने इतना रौद्र रूप ले लिया कि देखते ही देखते चंद मिनट में नजारा बदल गया. पत्थर पर लुत्फ उठा रहे हैं आधा दर्जन से अधिक सैलानी पानी के तेज बहाव में घिर गये. वन परिसर पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी सैलानियों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया. रेस्क्यू करने के बाद इस आपदा में फंसे सैलानियों ने वन परिसर पदाधिकारी समेत सभी वनकर्मियों एवं मां तुतला भवानी धाम में तैनात सुरक्षाकर्मियों की प्रशंसा की. सैलानियों का कहना था कि अगर वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद नहीं होती, तो आज हम लोग अपना जान गंवा बैठे होते. इस संबंध में वन परिसर पदाधिकारी ने आम लोगों से कहा है कि मां तुतला भवानी धाम में इस बार वन विभाग की टीम पूरी तरह से मुस्तैद है और सैलानियों की सुरक्षा में हमेशा वनकर्मी एवं सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिये गये हैं, ताकि इस बरसात में किसी तरह की कोई जलकुंड के समीप या नदी में अप्रिय घटना ना घटे. इन्होंने कहा है कि आमजन भी हमारे इस मिशन में सहयोग करें ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना मां तुतला भवानी धाम में ना घटे. आमजन वन विभाग का सहयोग करें. इन्होंने कहा कि पूर्व में भी यह निर्देश दिया गया है कि जल कुंड के गहरे पानी में लोग नहाने के लिए ना जाएं. इसके लिए वहां पर रस्सी से बैरिकेडिंग भी की गई है तथा ड़ी एरिया का भी चिन्ह लगाया गया है लेकिन सैकड़ों सैलानी अभी भी प्रतिदिन वन विभाग के नियमों को ताख पर रखकर जलकुंड के गहरे पानी में चले जाते हैं तथा नदी के बीच धार में जाकर स्नान करते हैं. वहां तैनात सुरक्षाकर्मी एवं वन कर्मियों द्वारा आग्रह भी इनसे किया जाता है कि वैसे खतरा के निशान से बाहर आने के लिए लेकिन कई सैलानी सुरक्षा कर्मियों की भी बात नहीं मानते हैं. इसमें अचानक आई बाढ़ में वनकर्मी एवं सुरक्षाकर्मियों को खतरा मोल लेना पड़ता है तथा ऐसे फंसे सैलानियों का रेस्क्यू करना पड़ता है. इसमें वन विभाग ने मां तुतला भवानी धाम में पहुंचने वाले सभी सैलानियों से आग्रह किया है कि आप सब हमारे इस मिशन में सहयोग करें ताकि अप्रिय घटना ना हो . वन परिसर पदाधिकारी ने कहा है कि वन विभाग की टीम हमेशा मां तुतला भवानी में अलर्ट मोड में तैनात है. सैलानियों की सुरक्षा के लिए किसी भी तरह का कदम उठाया जा सकता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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