निगम क्षेत्र में पॉल्यूशन कम करने को लेकर शुरू हुई कवायद

नगर निगम क्षेत्र में पॉल्यूशन की मात्रा कम करने को लेकर निगम आयुक्त ने एक शानदार पहल शुरू की है, जिसे हर जगह प्रशंसा हो रही है. हालांकि पहल कितनी कारगर होती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा. बुधवार को वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसी के अधिकारियों के साथ नगर आयुक्त ने जो बैठक की उसमें कई बेहतर पहलुओं पर चर्चा की गयी.
छपरा. नगर निगम क्षेत्र में पॉल्यूशन की मात्रा कम करने को लेकर निगम आयुक्त ने एक शानदार पहल शुरू की है, जिसे हर जगह प्रशंसा हो रही है. हालांकि पहल कितनी कारगर होती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा. बुधवार को वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसी के अधिकारियों के साथ नगर आयुक्त ने जो बैठक की उसमें कई बेहतर पहलुओं पर चर्चा की गयी.
इन बिंदुओं पर हुई चर्चा नगर आयुक्त की अध्यक्षता मे इंटरेीगिटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की बैठक वेपकॉस एजेंसी के साथ हुई. सबसे पहले कटसा मे बने हुये ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मे बायो डिबेरेबल और नॉन बायो डिबेरेबल के बारे मे वापकॉस एजेंसी के द्वारा चर्चा किया गया. ताकि शहर के प्रदुषण को कम किया जा सके.शहरी क्षेत्रो मे दो जगहों पर एमआरएफ 50 टीडीपी क्षमता के अनुसार कराया जायेगा. शहर के कचड़ा को एक जगहों पर कलेक्शन करके ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र पर भेजा जायेगा.ताकि गिला कचड़ा एवं सूखा कचड़ा का उपयोग जैविक खाद के रूप मे किया जा सके. इस खाद से नगर निगम के माध्यम से कृषि कार्य एवं फूल पौधा के उपजाऊ होने मे काफ़ी मदद मिलेगा.एनजीटी के आदेशों का होगा पालन
नगर आयुक्त ने वेपकॉस एजेंसी से एनजीटी के आदेशों का पालन करने का आदेश दिया और कहा कि एनजीटी के बताए गए मानक के अनुसार कार्य करना सुनिश्चित करेंगे. बैठक मे नगर आयुक्त ने 150 टीपीडी के अनुसार कितना एरिया की जरुरत होंगी उसके बारे संबंधित एजेंसी से रिपोर्ट देने की बात कही गई. इतनी क्षमता वाले चार जगहों पर कार्य कराने के लिए समबंधित एजेंसी को कहा गया.
नगर निगम की क्षेत्र विस्तार पर भी चर्चा नगर निगम की एरिया का विस्तार होने की स्थिति मे एजेंसी को भी अवगत कराया गया की एरिया का विस्तार होगा तब भी उस एरिया को भी कभर करना होगा.एजेंसी द्वारा 450 ग्राम प्रति हॉउस होल्डर से कचड़ा निकलता है. जिसके लिए शहर को प्रदुषण कम करने के लिए सभी बातों का ध्यान रखना होगा.एक हजार घर पर एक ऑटो टिपर रखा जाएगा
प्रत्येक वार्ड मे कचड़ा संग्रहन करने के लिए एक हजार हॉउस होल्डर पर एक ऑटो टीपर रखने पर विचार हुआ. जिसके लिए लगभग 47 ऑटो टीपर की आवश्यकता बतायी गयी. एरिया विस्तार होने मे ऑटो टीपर की संख्या बढ़ाई जायेगी.
सुख और गीला कचरा का अलग-अलग होगा संग्रहणसूखा कचड़ा एवं गिला कचड़ा का संग्रहण अलग-अलग होगा. यह तय किया गया कि सभी हॉउस होल्डर एवं बाजारों से जायदा मात्रा मे वेस्ट निकलता है. उसका सेरिग्रेशन कराया जाएगा. नगर आयुक्त ने कहा कि ड्राई वेस्ट, बायो वेस्ट एवं वेट वेस्ट को कंपोस्टिंग एमआरएफ के माध्यम से कराया जाएगा..बैठक मे नगर आयुक्त ने डीपीआर मे सारा डिटेल्स देने का आदेश देते हुए कहा कि डीटेल्स रहेंगे तो भविष्य मे किसी तरह की परेशानी नहीं हो.
सघन मॉनिटरिंग सिस्टम हुआ डेवलपबैठक में रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम के बारे मे वेपकॉस एजेंसी द्वारा चर्चा किया गया. इसमें सभी वार्डो मे कितना कचड़ा का संग्रहण किया गया, कौन गाड़ी कहा है, कितना गाड़ी कटसा वाले साइट पर पहुंची की नहीं, कितना प्रोसीसिंग हुआ आदि कामों पर नज़र रख सकते है. ताकि नगर आयुक्त द्वारा कार्य का अनुश्रवण एवं कार्य की गुणवत्ता का देख रेख करवा सकते है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




