कुव्यवस्था. 88 लाख रुपये हुए खर्च, 10 वर्षों बाद भी लोगों को एक बूंद भी नसीब नहीं हुआ पानी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :16 Feb 2016 3:45 AM (IST)
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पानी का पैसा,‘पानी’ में चला गया हाथी का दांत बन कर रह गयी जलमीनार बिना काम के तनख्वाह ले रहे ऑपरेटर नगरा : सरकार की कल्याणकारी ग्रामीण पाईप जलापूर्ति योजना नगरा प्रखंड के लोगो के लिए हाथी का दांत साबित हो रहा है. मालूम हो कि सरकार द्वारा आम लोगो को शुद्ध पेय जल व […]
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पानी का पैसा,‘पानी’ में चला गया
हाथी का दांत बन कर रह गयी जलमीनार
बिना काम के तनख्वाह ले रहे ऑपरेटर
नगरा : सरकार की कल्याणकारी ग्रामीण पाईप जलापूर्ति योजना नगरा प्रखंड के लोगो के लिए हाथी का दांत साबित हो रहा है. मालूम हो कि सरकार द्वारा आम लोगो को शुद्ध पेय जल व स्वस्थ्य रहने के लिए कई कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं, जो धरातल पर समुचित तरीके से कार्यान्वित नहीं हो पा रहा है.
इस वजह से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है. सच्चाई यह है कि सबकुछ सिर्फ प्रचार तक ही सीमित है. इसका जीता जागता उदाहरण कादीपुर पंचायत के नगरा बाजार स्थित कई वर्ष पूर्व बना जलमीनार अधिकारियों का दंश झेल रहा है. सरकार ने 88 लाख रुपये की लागत से नगरा में पीने का पानी के लिए जलमीनार खड़ी कर दी.
10 वर्षों से इंतजार कर
रहे हैं ग्रामीण
लगभग 10 वर्ष बीत गया पर पानी आज तक एक बूंद भी नल से नहीं टपका. ग्रामीण 600 सौ फुट गहरे शुद्ध जल पीने का आज भी इंतजार कर रहे हैं. इसके लिए प्रखंडस्तरीय नेताओं, समाजसेवी, बुद्धिजीवियों ने भी कई बार जलमीनार को सुचारू कराने के लिए आवाज उठायी,
लेकिन सत्ता में रहनेवाली सरकार किसी की एक भी न सुनी. आखिर ऐसे में शुद्ध पानी के लिए जलमीनार रहते कहा जाएं नगरा के ग्रामीण़ इस जलमीनार से नगरा, कादीपुर, नबीगंज, नगरा बाजार समेत एक किलोमीटर में आयरनमुक्त पानी सप्लाइ करने की योजनी थी. जलमीनार बन कर तैयार होने के बाद पीएचइडी ने कादीपुर पंचायत के मुखिया संजय कुमार मिश्र को सौंप दिया था. साथ ही जलमीनार से शुद्ध पानी ग्रामीणों तक पहुचाने के लिए 75 हजार रुपये भी इनिशियल मनी के रूप में दिया था. लेकिन, ग्रामीणों से आज तक न पानी पहुंचा और न ही आवेदन लिये गये.
जलमीनार के पानी की आपूर्ति के लिए बिछाये गये पाइप भी जाम हो चुका, तो कहीं फट चुका है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर इसका जिम्मेदार कौन है. सवाल यह भी कि क्या लाखों, करोड़ों की योजनाओ का शिलान्यास, उद्घाटन महज ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जाता है. विभाग द्वारा पानी सप्लाइ के लिए ऑपरेटर गौरी शंकर राय को बहाल किया है.
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