आखिर नीली बत्ती का क्यों हो रहा दुरुपयोग

Published at :12 Jan 2016 7:27 PM (IST)
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आखिर नीली बत्ती का क्यों हो रहा दुरुपयोग

आखिर नीली बत्ती का क्यों हो रहा दुरुपयोग सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान चल रहा जागरूकता कार्यक्रमपदाधिकारियों की कार्यशैली को ले आम जनों में खूब हो रहीं चर्चाएं संवाददाता, छपरा (सदर)सरकार द्वारा केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली-1989 के नियम 108 (2) के द्वारा सरकारी वाहनों के आगे नीली बत्ती (फ्लैशर सहित) लगाने के लिए पदाधिकारियों का […]

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आखिर नीली बत्ती का क्यों हो रहा दुरुपयोग सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान चल रहा जागरूकता कार्यक्रमपदाधिकारियों की कार्यशैली को ले आम जनों में खूब हो रहीं चर्चाएं संवाददाता, छपरा (सदर)सरकार द्वारा केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली-1989 के नियम 108 (2) के द्वारा सरकारी वाहनों के आगे नीली बत्ती (फ्लैशर सहित) लगाने के लिए पदाधिकारियों का पद चिह्नित किया गया है. परंतु, जिले में दर्जन भर पदाधिकारी इन आदेशों को नजरअंदाज कर धड़ल्ले से निजी गाड़ी या सरकारी गाड़ी में उपयोग कर रहे है. परंतु, सरकार के निर्देश पर सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाने वाले वरीय पदाधिकारियों को इन पदाधिकारियों के वाहन परिचालन नियम के उल्लंघन की ओर नजर नहीं पड़ती. आमजनों का कहना है कि वैसे लोग, जिन्हें परिवहन के नियमों की बेहतर जानकारी का अभाव है, उन्हें तो जागरूक करने के लिए प्रयास किया जा रहा है. परंतु, सरकार के मातहत इन पदाधिकारियों की मनमानी पर रोक क्यों नहीं लग रही. यदि वरीय पदाधिकारी इस ओर ध्यान देते हैं, तो निश्चित रूप से आम जनों में भी बेहतर मैसेज जायेगा. इन पदाधिकारियों को नीली बत्ती लगाने का है निर्देश-सभी प्रधान सचिव-पुलिस महानिदेशक एवं अपर पुलिस महानिदेशक-सरकार के सचिव-उच्च न्यायालय के महानिबंधक-निबंधक-प्रमंडलीय आयुक्त-पुलिस महानिरीक्षक -क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक -राज परिवहन आयुक्त -क्षेत्रीय पुलिस उप महानिरीक्षक -जिला एवं सत्र न्यायाधीश/प्रधान न्यायाधीश/समकक्ष-जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक -उपविकास आयुक्त, अपर जिला दंडाधिकारी-मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-अनुमंडल पदाधिकारी -अनुमंडल पुलिस पदाधिकारीनीली बत्ती लगाने में कई आवश्यक निर्देशों का करना है पालन-सभी सरकारी वाहनों पर विभाग का नाम एवं बिहार सरकार का मोनोग्राम जरूरी-यदि गाड़ी के अग्रभाग में नीली बत्ती लगी हुई हो तथा संबंधित अधिकारी नहीं जा रहे हो, तो वैसी स्थिति में नीली बत्ती को काले आवरण से ढक देना है-निजी वाहन पर नीली बत्ती का प्रयोग नहीं करना है -एंबुलेंस को बैंगनी शीशे के अंदर ब्लिंकर टाइप लाल बत्ती तथा आपातकालीन सेवा में संलग्न वाहनों, अग्निशमन सेवा के वाहनों एवं विशिष्ट गण्यमान्य व्यक्तियों को स्काॅर्ट करने वाले पुलिस वाहनों को नीली/मल्टीकलर/सफेद बत्ती लगाने की अनुमति है. इस दिशा में सभी डीटीओ को जांच कर वैसे पदाधिकारी, जो नीली बत्ती के लिए अधिकृत नहीं हैं, उन्हें जांच कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया जायेगा. किसी भी स्थिति में वरीयउप समाहर्ता स्तर के या अन्य पदाधिकारियों को नीली बत्ती नहीं लगाना है. सच्चिदानंद चौधरीसंयुक्त आयुक्त सह सचिव सह क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार

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